IT मंत्रालय ने सुरक्षित AI डाटा साझा करने के लिए लॉन्च की DEPA हैंडबुक
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक नई हैंडबुक जारी की है। इसका मकसद संगठनों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण के लिए डाटा साझा करने में मदद करना है, ताकि उन्हें अपनी गोपनीयता या डाटा पर से नियंत्रण खोने की चिंता न रहे।
इस हैंडबुक का नाम 'डाटा एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन आर्किटेक्चर (DEPA) फॉर AI ट्रेनिंग' है। इसे डाटा प्राइवेसी और मालिकाना हक से जुड़ी उन आम रुकावटों को दूर करने के लिए बनाया गया है, जिनकी वजह से AI का विकास धीमा पड़ जाता है।
डाटा दूसरी जगह नहीं होगा सेव
आईस्पिरिट फाउंडेशन की मदद से तैयार की गई DEPA, डाटा को सुरक्षित तरीके से साझा करने के लिए स्पष्ट नियम बनाती है। इसकी एक खास बात है कि यह AI मॉडल्स को डाटा का इस्तेमाल करने देती है, लेकिन डाटा को कहीं और ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
इससे कंपनियां अपना डाटा सुरक्षित रख सकती हैं और फिर भी बड़े AI प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन सकती हैं। इस लॉन्च के मौके पर बेंगलुरु में सरकार, तकनीक और शोध से जुड़े लोग एक साथ आए।
उन्होंने इस बात पर चर्चा की कि कैसे डाटा से जुड़ी बेहतर प्रक्रियाएं भारत में और ज्यादा जिम्मेदार और मिलकर काम करने वाले AI के विकास को बढ़ावा दे सकती हैं।