विशेषज्ञों ने AI चिप्स के सही इस्तेमाल के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिया जोर
भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स के मामले में तेजी से कदम बढ़ा रहा है, लेकिन एक बात साफ है कि केवल ताकतवर ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) खरीदना ही काफी नहीं है।
नईसा के संस्थापक शरद संघी जैसे जानकारों का कहना है कि बिना मजबूत स्टोरेज और नेटवर्किंग सिस्टम के कंपनियों को धीमी रफ्तार और अतिरिक्त खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए केवल हार्डवेयर पर निर्भर रहना ठीक नहीं है।
डटा सेंटर्स को अपग्रेड करने की जरूरत
AI चिप्स को ठीक से काम करने के लिए डाटा सेंटर्स को अपने सेटअप में बदलाव करने होंगे। सीएना में सॉल्यूशंस इंजीनियरिंग के उपाध्यक्ष गौतम बिला का कहना है कि डाटा ट्रांसफर में देरी की वजह से महंगे GPU बिना काम के पड़े रह सकते हैं, वहीं वर्टिव में मॉड्यूलर पावर कनवर्टर्स के उपाध्यक्ष ग्रेग फंक बताते हैं कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पावर सिस्टम भी मजबूत होना चाहिए, ताकि इस ज्यादा बिजली खाने वाली तकनीक को संभाला जा सके। आगे की सोच रखने से कंपनियां नुकसान से बचती हैं और अपनी निवेश से पूरा फायदा उठा पाती हैं।