वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट में केंचुए की अनोखी प्रजाति की खोजी
हाल ही में शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट में केंचुए की एक बिल्कुल नई प्रजाति 'ड्रॉविडा इनकमपैरेबिलिस' की खोज की है। इसके साथ ही उन्होंने 'ड्रॉविडा लोरिकाटा' नाम के एक और केंचुए को भी दोबारा ढूंढा है, जिसे 1945 के बाद से देखा नहीं गया था। यह खोज जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया और महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी की टीमों ने मिलकर की है।
करीब 40 सेंटीमीटर तक लंबा
'ड्रॉविडा इनकमपैरेबिलिस' अपनी अनोखी शारीरिक बनावट के कारण खास है और इसकी लंबाई करीब 40 सेंटीमीटर तक पहुंच सकती है। इसके नाम का शाब्दिक अर्थ ही 'अतुलनीय' है।
टीम ने 'ड्रॉविडा लोरिकाटा' को तमिलनाडु में मिट्टी को छांटने के आसान तरीकों का इस्तेमाल करके ढूंढा। ये खोजें दिखाती हैं कि हमारी जानी-पहचानी जगहों में भी कितनी सारी जैव विविधता अभी भी छिपी हुई है।
यह खोज इस बात की याद दिलाती है कि किसी नई प्रजाति को खोजने के लिए हमेशा किसी अनजाने समुद्री खाई में जाने या दूर-दराज के जंगलों में किसी अनोखे जानवर को ढूंढने की जरूरत नहीं होती। कई बार तो वैज्ञानिकों को बस अपने पैरों के नीचे ही देखना पड़ता है।