कोच्चि में भारत का पहला साइबर ट्रोजन हॉर्स पेश, इलेक्ट्रॉनिक कचरे से बनाया गया
भारत ने कोच्चि में कोकोन 2026 सम्मेलन में अपना पहला साइबर ट्रोजन हॉर्स पेश किया है। 25 फीट ऊंचा और 850 पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामानों से बना यह विशाल घोड़ा कलाकार दाविंची सुरेश की रचना है, जो सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। कलाकार ने इसे साइबर सुरक्षा खतरों और ई-कचरे के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बनाया है। इसे फोर्ट कोच्चि के नेहरू पार्क में एक स्थायी प्रदर्शनी के रूप में स्थापित करने की योजना है।
इस कार्यक्रम का आयोजन केरलम पुलिस और इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी रिसर्च एसोसिएशन ने मिलकर किया है। चाइल्डलाइट- ग्लोबल चाइल्ड सेफ्टी इंस्टीट्यूट की मदद से यह प्रोजेक्ट ऑनलाइन बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार के बारे में भी जागरूकता फैला रहा है और दुनियाभर के लोगों तक अपना संदेश पहुंचा रहा है।
प्रोजेक्ट दिखाता है छिपे हुए डिजिटल खतरे
ट्रोजन प्रोजेक्ट इस विशाल घोड़े के जरिए समझाता है कि कैसे डिजिटल खतरे सबके सामने रहते हुए भी छिपे रह सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे पुरानी कथाओं में ट्रोजन हॉर्स का जिक्र है।
फोर्ट कोच्चि के नेहरू पार्क में इसे स्थायी तौर पर स्थापित करने की योजना है।