ISRO के नए सैटेलाइट से प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी होगी आसान
टेक्नोलॉजी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपना पहला पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट GISAT-1A (EOS-05) लॉन्च कर दिया है।
इस सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा स्थित स्पेसपोर्ट से GSLV मार्क II रॉकेट ने अंतरिक्ष में पहुंचाया है। 2021 में हुए मूल GISAT-1 मिशन की असफलता के बाद यह लॉन्च ISRO के लिए एक बड़ी वापसी मानी जा रही है।
हर 5 मिनट में देगा ताजा जानकारी
GISAT-1A सैटेलाइट 36,000 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगाएगा और भारत पर लगातार अपनी नजर बनाए रखेगा। यह उन पुराने सैटेलाइट से अलग है, जो केवल कुछ-कुछ समय बाद ही जानकारी देते थे।
यह तूफान, बाढ़ और जंगलों में लगी आग जैसी घटनाओं को लगभग तुरंत पहचान लेता है और खास इलाकों के लिए हर 5 मिनट में नई जानकारी भेजता रहता है।
इसकी मदद से प्राकृतिक आपदाओं से तेजी से निपटा जा सकेगा, फसलों की बेहतर निगरानी होगी और दूसरे देशों से मिलने वाले डाटा पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।