भारत AI एजेंट से UPI भुगतान के लिए बना रहा नया सिस्टम
भारत एक ऐसा सिस्टम बना रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एजेंट्स आपकी तरफ से छोटे-छोटे यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) भुगतान कर पाएंगे और इसके लिए आपको बार-बार मंजूरी नहीं देनी होगी।
इस नई व्यवस्था को यूनिफाइड एजेंट प्रोटोकॉल (UAP) कहा जा रहा है। इसका मकसद AI एजेंट्स के रजिस्ट्रेशन, वेरिफिकेशन और UPI के जरिए सुरक्षित भुगतान की अनुमति देने के तरीकों को एक जैसा बनाना है।
अगर, सब कुछ सही रहा तो UPI AI एजेंट्स द्वारा की जाने वाली पेमेंट्स के लिए दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्कों में से एक बन सकता है।
अगस्त UPI से हुए 24.51 अरब लेन-देन
UPI वैसे भी एक बहुत बड़ा नेटवर्क है। इसके ज्यादातर लेन-देन गूगल पे और फोनपे जैसी ऐप्स संभालती हैं। अकेले अगस्त में ही 24.51 अरब लेन-देन दर्ज किए गए थे।
UAP का पहला इस्तेमाल शायद रोजमर्रा की खरीदारी में होगा, लेकिन धीरे-धीरे इसका उपयोग ऑटोमेटेड निवेश जैसी चीजों के लिए भी किया जा सकता है।
सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस सिस्टम में खर्च की लिमिट तय करने और पहचान की जांच करने जैसी सुविधाएं भी होंगी, ताकि आप हमेशा नियंत्रण में रहें।