भारत में हंटर सिंड्रोम से जूझ रहे मरीजों के लिए दवा को मिली मंजूरी
टेक्नोलॉजी
भारत सरकार ने 'हंटर सिंड्रोम' नाम की एक बहुत ही दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी के इलाज के लिए 'हंटरैस' नाम की दवा को मंजूरी दे दी है। यह बीमारी तब होती है, जब शरीर एक जरूरी एंजाइम नहीं बना पाता, जिससे शरीर में नुकसानदायक पदार्थ जमा होने लगते हैं और समय के साथ धीरे-धीरे अंगों को क्षति पहुंचाते हैं।
एंजाइम की कमी पूरी करेगी यह दवा
हंटरैस शरीर में उस कम हुए एंजाइम की जगह लेता है। हालांकि, यह बीमारी को पूरी तरह से ठीक नहीं कर सकता, लेकिन यह उसकी गति को धीमा करता है और मरीजों के लिए जिंदगी जीना थोड़ा आसान बनाता है।
चिकित्सकों ने इस मंजूरी को भारत के लिए एक बहुत बड़ा कदम बताया है क्योंकि इससे पहले देश में इस बीमारी के इलाज के ज्यादा विकल्प नहीं थे।
वे यह भी उम्मीद जता रहे हैं कि इससे लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और जल्द पहचान होने से मरीजों को समय पर सही इलाज मिल पाएगा।