AI एजेंट्स भी झेल रहे लैंगिक वेतन असमानता, अध्ययन में चौंकाने वाला खुलासा
चौंकाने वाली बात यह है कि लैंगिक वेतन असमानता का सामना अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट को भी करना पड़ रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ लिमरिक के एक नए अध्ययन में लोगों को 2 वर्चुअल ऑफिस AI के साथ बातचीत करने का मौका मिला। ये दोनों ही AI समान रूप से कुशल थे।
इनमें से एक को पुरुष (जोहान) और दूसरे को महिला (जोहाना) के रूप में डिजाइन किया गया था। हैरानी की बात यह है कि एक ही तरह का काम करने के बावजूद जोहाना को उसी काम के लिए 10.25 फीसदी कम भुगतान मिला।
AI का डिजाइन बढ़ाता है भेदभाव
शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि इंसानों की तरह दिखने वाले AI एजेंट्स पर लोगों ने साधारण चैटबॉट या रोबोट से ज्यादा भरोसा किया। इतना ही नहीं उन्हें भुगतान भी ज्यादा मिला।
कई लोगों ने तो यह कहा कि उनके फैसलों पर AI के जेंडर का कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन अध्ययन के नतीजे इसके बिल्कुल उलट थे। अध्ययन की सह लेखिका मैरी हॉसफेल्ड ने इस पर कहा कि हम जिस तरह से AI को बनाते और पेश करते हैं, वह जाने-अनजाने में असल दुनिया के भेदभाव को बढ़ावा दे सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे हमारे डिजिटल सहकर्मी बढ़ रहे हैं, हमें इस बारे में बहुत सोच-समझकर काम करना होगा।