संयुक्त राष्ट्र ने AI पर फैलाए जा रहे भ्रम पर तोड़ी चुप्पी
संयुक्त राष्ट्र (UN) की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समिति से जुड़े कई विशेषज्ञों ने AI के जोखिमों को लेकर कुछ पेशेवरों द्वारा की जा रही डरावनी और बढ़ा-चढ़ाकर बयानबाजी से बचने की अपील की है।
न्यूयॉर्क में हाल ही में एक बैठक हुई, जहां पैनल के सह अध्यक्ष योशुआ बेंगियो ने लोगों से कहा कि AI के बारे में हम जो असल में जानते हैं, उसे बिना किसी ठोस आधार के लगाए गए अंदाजों से अलग करके देखना चाहिए।
इसी बैठक में, गूगल डीपमाइंड की कार्यकारी और इंटरनेशनल साइंटिफिक पैनल ऑन AI की सदस्य जोएल बैरल ने अपनी बात रखते हुए कहा कि डर फैलाने के बजाय तथ्यों पर टिके रहना ही बेहतर है।
इस कारण किया गया था AI पैनल का गठन
संतुलित और सोच-समझकर बातचीत करने की यह पहल इंटरनेशनल साइंटिफिक पैनल ऑन AI की ओर से आई है। इस पैनल का गठन 2025 में किया गया था, ताकि यह UN को तकनीक से जुड़े मामलों पर समझदारी भरे फैसले लेने में सहायता कर सके।
इस पैनल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि AI को लेकर होने वाली बहसें असली वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित हों, न कि किसी तरह के प्रचार या घबराहट पर। खासकर तब, जब AI के बारे में लगातार बड़े-बड़े दावे सामने आ रहे हैं।