बेंगलुरु की डॉगनोसिस ने कुत्ते-AI की मदद से कैंसर का पता लगाने वाला तरीका खोजा
बेंगलुरु के एक स्टार्टअप डॉगनोसिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कुत्तों की मदद से कैंसर का पता लगाने का एक नया तरीका खोजा है।
यह तरीका केवल आपकी सांस का विश्लेषण करके बीमारी की पहचान कर सकता है। यह परीक्षण सिर और गर्दन, स्तन, फेफड़े और छाती, स्त्री रोग संबंधी, ऊपरी और निचले पाचन तंत्र (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) और जनन मूत्र सहित 7 तरह के कैंसर का पता लगाने का दावा करता है।
इन परीक्षणों की सटीकता लगभग 90 प्रतिशत बताई गई है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में छपे एक ताजा शोध ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कुत्तों की सूंघने की कमाल की शक्ति का इस्तेमाल कर कैंसर को शुरुआत में ही पहचाना जा सकता है।
2027 तक घर-घर तक पहुंचाने की योजना
यह प्रक्रिया बहुत ही सीधी है। आपको एक रूई के मास्क में सांस लेनी होगी और फिर खास तौर पर प्रशिक्षित कुत्ते उस मास्क को सूंघकर कैंसर के लक्षणों का पता लगाएंगे।
डॉगनोसिस को आकाश कुलगोड़ और इटामार बिटान ने मिलकर शुरू किया है, जिसे एक्सेल इंडिया का भी समर्थन हासिल है। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक भारत में इस तकनीक को घर-घर तक पहुंचाना है, जिससे लोग घर बैठे ही जांच कर सकें।
यह बिना चीर-फाड (नॉन-इनवेसिव) का तरीका कैंसर की शुरुआती जांच को बेहद आसान बना सकता है, जिससे बीमारी का समय पर पता चलने पर इलाज के बेहतरीन नतीजे मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।