2030 तक डाटा सेंटर क्षमता हो सकती है 3.6GW, एक्सिस कैपिटल का अनुमान
भारत के डाटा सेंटर्स की क्षमता बहुत तेजी से बढ़ने वाली है। एक्सिस कैपिटल का अनुमान है कि 2030 तक यह क्षमता 3 से 3.6 गीगावाट (GW) तक पहुंच जाएगी।
इसकी मुख्य वजह अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसे बड़े हाइपरस्केलर्स हैं। फिलहाल, कुल क्षमता लगभग 1.3 से 1.4GW है, जिसका ज्यादातर हिस्सा थर्ड-पार्टी डाटा सेंटर्स का है।
अभी ये बड़े टेक दिग्गज कुल मांग का 60 फीसदी हिस्सा पूरा कर रहे हैं, लेकिन 2030 तक यह आंकड़ा बढ़कर 90 फीसदी होने की उम्मीद है।
लक्ष्य तक नहीं पहुंचेगी क्षमता
भले ही सार्वजनिक लक्ष्य 8GW तक का हो, लेकिन एक्सिस कैपिटल का मानना है कि वास्तविक परिचालन क्षमता लगभग 2.8GW पर ही सीमित रह सकती है।
इसकी 2 मुख्य वजहें हैं। पहला उपकरण की आपूर्ति में देरी और दूसरा बिजली से जुड़ी समस्याएं हैं। हाइपरस्केलर्स के लिए जरूरी उपकरण पहुंचने में करीब 2 साल लग जाते हैं और बिजली कनेक्शन के लिए भी लगभग 18 महीने का समय लगता है।
इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)-केंद्रित डाटा सेंटर्स के निर्माण में पारंपरिक डाटा सेंटर्स की तुलना में ज्यादा खर्च आता है।
फिर भी अगर, सभी प्रोजेक्ट समय पर पूरे हो जाते हैं तो भारत 2035 तक 8GW की क्षमता तक पहुंच सकता है, जिससे भविष्य में टेक इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के बड़े अवसर खुलेंगे।