इस स्टार्टअप ने भारत का पहला स्ट्रेटोस्फेरिक बैलून किया लॉन्च, जानिए क्या है यह
क्या है खबर?
भारत को अंतरिक्ष और नई तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ी सफलता मिली है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित स्टार्टअप रेड बैलून एयरोस्पेस ने एक खास हाई-एल्टीट्यूड सुपर-प्रेशर बैलून सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह बैलून धरती से करीब 25 किलोमीटर ऊपर तक पहुंचा। इसके साथ भारत और दूसरे देशों के सात कमर्शियल पेलोड भी भेजे गए। इस उपलब्धि को भारत के लिए बड़ी तकनीकी कामयाबी माना जा रहा है।
बैलून
क्या है यह और कैसे करेगा मदद?
यह एक खास स्ट्रैटोस्फेरिक बैलून है, जो धरती और सैटेलाइट के बीच वाले हिस्से में काम करता है। कंपनी के मुताबिक, यह कई दिनों और महीनों तक ऊपर रह सकता है। इसकी मदद से उन इलाकों तक भी नेटवर्क और जरूरी जानकारी पहुंचाई जा सकती है, जहां सामान्य व्यवस्था नहीं पहुंच पाती है। आपदा के समय भी यह तेजी से काम कर सकता है। इससे संचार और निगरानी जैसे जरूरी काम आसान और बेहतर हो सकते हैं।
फायदा
कई जरूरी कामों में होगा फायदेमंद
यह बैलून टेलीकॉम, धरती की तस्वीर लेने, मौसम पर नजर रखने और निगरानी जैसे कई कामों में मदद करेगा। मिशन में सेंसर, नेविगेशन सिस्टम और कंप्यूटिंग जैसे कई पेलोड भी भेजे गए थे। कंपनी के अनुसार सभी ने सफलतापूर्वक अपना काम पूरा किया। इसकी मदद से एक साथ कई तरह के प्रयोग किए जा सकते हैं। आने वाले समय में इसका इस्तेमाल विज्ञान के साथ-साथ लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों में भी बढ़ सकता है।
अन्य
भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल
इस मिशन के बाद भारत दुनिया के उन पांच देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास अपनी स्ट्रैटोस्फेरिक बैलून तकनीक है। इस सूची में अमेरिका, फ्रांस, जापान और चीन पहले से शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि यह तकनीक कम खर्च में लंबे समय तक काम कर सकती है। दूर-दराज इलाकों में नेटवर्क पहुंचाने और आपदा के समय मदद देने में भी यह काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इससे भारत की तकनीकी पहचान और मजबूत हुई है।