हगिंग फेस सेंधमारी ने खोली AI सुरक्षा की पोल, सेक्यूरॉनिक्स CEO ने दी चेतावनी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला रहा है, लेकिन ये बदलाव हमेशा अच्छे नहीं होते। सेक्यूरॉनिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टोबी वेइस ने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में हगिंग फेस में हुई एक सेंधमारी ने AI की सुरक्षा से जुड़ी कुछ गंभीर कमियों को उजागर किया है। यह सेंधमारी OpenAI के सुरक्षा जांच के दौरान हुई थी।
उन्होंने कहा है कि कंपनियां AI के बड़े व्यावसायिक फायदों को देखते हुए इसे अपनाने की होड़ में लगी हैं, लेकिन इसकी सुरक्षा पर उतना ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
हैकर्स के लिए आसान किया काम
वेइस ने कहा, "AI कई नई मुश्किलें खड़ी करता है।" इसके साथ ही, यह हैकर्स के लिए नए रास्ते भी खोल देता है। उन्हें नहीं लगता कि बाजार में आ रहे नए साइबर सुरक्षा वेंडर इन समस्याओं को तुरंत सुलझा पाएंगे।
उनकी सलाह है कि AI को अपनाते समय व्यवसायों को सुरक्षा को अपनी सबसे पहली प्राथमिकता बनाना चाहिए।
कमाई में भारत की 15 फीसदी हिस्सेदरी
भारत सेक्यूरॉनिक्स के लिए एक बड़ा बाजार बनकर उभरा है। कंपनी के कुल राजस्व का करीब 15 फीसदी हिस्सा भारत से आता है, जिसमें ज्यादातर योगदान निजी कंपनियों का है। वेइस ने भारत में मौजूद मजबूत इंजीनियरिंग प्रतिभा, शोध और विकास (R&D) में शुरुआती निवेश की तारीफ की।