हुआवे 2031 तक बिना अमेरिकी मशीनों के बनाएगी चिप
हुआवे ने चिप बनाने की तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि वह 2031 तक ऐसे बेहद दमदार चिप्स तैयार करेगी, जिनका घनत्व (डेंसिटी) 1.4nm प्रक्रिया वाले चिप्स के बराबर होगी।
सबसे खास बात यह है कि कंपनी यह सब उन ASML मशीनों के बिना करेगा, जिन्हें अमेरिकी व्यापारिक पाबंदियों के चलते चीन को नहीं बेचा जा सकता।
चीन के लिए यह एक बहुत बड़ा कदम है, क्योंकि वह अपने खुद के सेमीकंडक्टर (चिप्स) बनाना चाहता है और दूसरे देशों की तकनीक पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।
चिप निर्माण के लिए अपनाया नया तरीका
हुआवे ने एक नया तरीका अपनाया है, जिसमें सर्किट की कई परतों को एक ही चिप के अंदर एक के ऊपर एक रखा जाता है। इससे चिप्स तेजी से काम करते हैं और ज्यादा कुशल बन जाते हैं।
कंपनी के चिप विभाग की प्रमुख हे टिंगबो ने इस तकनीक के बारे में कहा है, "हमारा समाधान व्यावहारिक और किफायती है।"
हुआवे इस नए तरीके से पहले ही 381 तरह के चिप्स बना चुका है।
साथ ही, कंपनी ने बताया है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए भी इसी तकनीक का इस्तेमाल करके चिप्स बना रही है। हालांकि, इस तकनीक को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने से पहले उन्हें ओवरहीटिंग जैसी चुनौतियों से निपटना होगा।