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ऑनलाइन प्राइवेसी बढ़ाना चाहते हैं? ब्राउजर की इन सेटिंग्स में करें छोटे बदलाव
ब्राउजर की इन सेटिंग्स में करें छोटे बदलाव

ऑनलाइन प्राइवेसी बढ़ाना चाहते हैं? ब्राउजर की इन सेटिंग्स में करें छोटे बदलाव

Jun 17, 2026
06:18 pm

क्या है खबर?

डिजिटल दौर में लोग बैंकिंग, खरीदारी, सोशल मीडिया और दूसरे कई काम इंटरनेट के जरिए करते हैं। ऐसे में ऑनलाइन प्राइवेसी को सुरक्षित रखना ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। कई वेबसाइटें यूजर्स की ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करती हैं और उनकी जानकारी एकत्र करती हैं। हालांकि, ब्राउजर की कुछ सेटिंग्स में छोटे बदलाव करके अपनी निजी जानकारी को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है। इससे इंटरनेट का इस्तेमाल भी अधिक सुरक्षित तरीके से किया जा सकता है।

टिप 1

कुकी सेटिंग्स बदलकर रोकें अनचाही ट्रैकिंग

वेबसाइटें अक्सर कुकी नाम की छोटी फाइलें डिवाइस में सेव करती हैं, जिससे वे यूजर्स की पसंद और गतिविधियों को याद रख पाती हैं। हालांकि, कई कुकीज अलग-अलग वेबसाइटों पर आपकी गतिविधियों को ट्रैक भी करती हैं। ऐसे में ब्राउजर की कुकी सेटिंग्स बदलकर इन्हें सीमित या पूरी तरह बंद किया जा सकता है। इससे वेबसाइटों को जरूरत से ज्यादा व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा करने से रोका जा सकता है और आपकी ऑनलाइन प्राइवेसी बेहतर बनी रहती है।

टिप 2

'डू नॉट ट्रैक' फीचर देता है अतिरिक्त सुरक्षा

ज्यादातर ब्राउजर में 'डू नॉट ट्रैक' नाम का एक फीचर दिया जाता है। इसे चालू करने पर वेबसाइटों को यह संकेत भेजा जाता है कि यूजर नहीं चाहता कि उसकी ऑनलाइन गतिविधियों का इस्तेमाल विज्ञापन या दूसरी ट्रैकिंग के लिए किया जाए। हालांकि, सभी वेबसाइटें इस अनुरोध का पालन नहीं करतीं, लेकिन इसे चालू करने से सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जरूर जुड़ जाती है। यह विकल्प आमतौर पर ब्राउजर की प्राइवेसी या सिक्योरिटी सेटिंग्स में उपलब्ध होता है।

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टिप 3

साइट की अनुमतियों को ध्यान से मैनेज करें

कई वेबसाइटें लोकेशन, कैमरा, माइक्रोफोन या दूसरे फीचर्स तक पहुंचने की अनुमति मांगती हैं। कुछ मामलों में यह अनुमति जरूरी होती है, लेकिन कई बार इससे प्राइवेसी पर असर पड़ सकता है। इसलिए साइट परमिशन को सोच-समझकर देना चाहिए। केवल उन्हीं वेबसाइटों को अनुमति दें, जिन पर आप भरोसा करते हैं और जहां इसकी वास्तविक जरूरत हो। इससे यह तय करने में मदद मिलती है कि आपकी कौन-सी निजी जानकारी दूसरों के साथ साझा की जा रही है।

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टिप 4

प्राइवेट ब्राउजिंग मोड का नियमित रूप से इस्तेमाल करें

अधिकतर ब्राउजर में प्राइवेट ब्राउजिंग या इंकॉग्निटो मोड की सुविधा मिलती है। इस मोड में ब्राउजर विंडो बंद करने के बाद हिस्ट्री, कुकीज और दूसरी अस्थायी जानकारी सेव नहीं करता। इससे डिवाइस पर ब्राउजिंग का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं रहता। हालांकि, यह तरीका आपको पूरी तरह गुमनाम नहीं बनाता, लेकिन सार्वजनिक कंप्यूटर या साझा डिवाइस पर इंटरनेट इस्तेमाल करते समय यह आपकी प्राइवेसी की सुरक्षा के लिए एक उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है।

टिप 5

ब्राउजिंग डाटा को नियमित रूप से साफ करें

ऑनलाइन प्राइवेसी बढ़ाने के लिए समय-समय पर ब्राउजिंग डेटा साफ करना भी जरूरी है। इसमें सेव की गई कुकीज, कैश फाइलें और ब्राउजिंग हिस्ट्री हटाई जाती है। इससे डिवाइस पर जमा निजी जानकारी कम हो जाती है और दूसरे लोगों के लिए उसे देख पाना मुश्किल हो जाता है। लगभग सभी ब्राउजर अपनी सेटिंग्स में यह सुविधा देते हैं। नियमित रूप से डेटा साफ करने की आदत आपकी ऑनलाइन सुरक्षा और प्राइवेसी दोनों को बेहतर बनाने में मदद करती है।

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