सरकार ने फर्जी ईमेल को लेकर दी चेतावनी, जानिए नुकसान से कैसे बचें
क्या है खबर?
सरकार ने प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के नाम से प्रसारित हो रहे एक फर्जी ईमेल के बारे में लोगों को चेतावनी जारी की है, जिसमें प्राप्तकर्ताओं से झूठा अनुरोध किया गया है कि वे E-पैन कार्ड डाउनलोड करें। अधिकारियों ने आगाह किया है कि यह मैसेज संवेदनशील वित्तीय जानकारी निकालने के उद्देश्य से किए जा रहे फिशिंग प्रयासों का हिस्सा है। इसके साथ ही लोगों से आग्रह किया है कि वे ऐसे मैसेज से बच कर रहें।
मैसेज
PIB फैक्ट चेक ने किया खुलासा
सोशल मीडिया पर शेयर की चेतावनी में सरकार ने स्पष्ट किया कि ईमेल वैध नहीं है और प्राप्तकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी। एक्स पोस्ट में लिखा, "क्या आपको भी E-पैन कार्ड डाउनलोड करने के लिए कहने वाला ईमेल मिला है?" PIB फैक्ट चेक ने इस ईमेल को फेक बताया है। साथ ही वित्तीय और संवेदनशील जानकारी शेयर करने के लिए कहने वाले किसी भी ईमेल, लिंक, कॉल या SMS का जवाब न देने की सलाह दी है।
संभावना
ईमेल से हो सकता है यह नुकसान
रिपोर्ट के अनुसार, धोखाधड़ी वाले ईमेल में आधिकारिक और भरोसेमंद दिखने के लिए PIB का लेबल लगा हुआ है। प्राप्तकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक पैन कार्ड डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। इसे साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ हमलावरों द्वारा लोगों को दुर्भावनापूर्ण लिंक पर क्लिक करने या इंफेक्टेड फाइल डाउनलोड करने के लिए लुभाने की एक आम रणनीति बताते हैं। जब कोई ऐसे लिंक पर क्लिक करता है या हानिकारक अटैचमेंट खोलता है तो हमलावर संवेदनशील जानकारी तक पहुंच सकते हैं।
फिशिंग
क्या होती है फिशिंग?
फिशिंग एक प्रकार की साइबर धोखाधड़ी है, जिसमें साइबर हमलावर विश्वसनीय संस्थानों का रूप धारण करके यूजर नेम, पासवर्ड और क्रेडिट कार्ड विवरण जैसी संवेदनशील जानकारी प्राप्त करते हैं। ऐसे हमले अक्सर ईमेल या इंस्टेंट मैसेज के माध्यम से आते हैं, जो देखने में वैध संगठनों से आए प्रतीत होते हैं। पीड़ितों को किसी नकली वेबसाइट पर ले जाया जा सकता है, जो आधिकारिक पोर्टल जैसी दिखती है, जहां उनसे व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने के लिए कहा जाता है।
उपाय
धोखाधड़ी से बचने के लिए करें ये उपाय
अधिकारियों ने इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए संदिग्ध ईमेल का जवाब न देने, अटैचमेंट न खोलने की सलाह दी क्योंकि, उनमें दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर हो सकता है, जो आपके डिवाइस को इंफेक्टेड कर सकता है। ऐसे ईमेल में दिए गए लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध लिंक को वेब ब्राउजर में कॉपी या पेस्ट करने से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों ने एंटीवायरस, एंटी-स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर और फायरवॉल सुरक्षा को अपडेट रखने की भी सलाह दी है।