आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों को कितनी मिलती है सैलरी?
क्या है खबर?
नासा के आर्टेमिस II मिशन ने चांद के पास ऐतिहासिक उड़ान पूरी करते हुए नया रिकॉर्ड भी बनाया, जिसमें इंसानों ने धरती से अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तय की है। मिशन में अमेरिका के रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच शामिल हैं, जबकि कनाडा के जेरेमी हैनसेन भी क्रू का हिस्सा हैं। बहुत से लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि इतने जोखिम भरे मिशन पर जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों को कितनी सैलरी मिलती है।
सैलरी
नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को मिलती है इतनी सैलरी
नासा के अंतरिक्ष यात्रियों को अमेरिकी सरकार के जनरल शेड्यूल के तहत रखा जाता है। इन्हें GS-13 से GS-14 लेवल पर रखा जाता है, जो उनके अनुभव और सेवा के आधार पर तय होता है। इस हिसाब से उनकी सालाना सैलरी लगभग 90,000 से 1.50 लाख डॉलर यानी करीब 80 लाख से 1.40 करोड़ रुपये तक होती है। ज्यादा अनुभव वाले अंतरिक्ष यात्री ऊपरी स्तर की सैलरी हासिल कर सकते हैं और समय के साथ इसमें बढ़ोतरी भी होती है।
अतिरिक्त भत्ता
नहीं मिलता कोई अतिरिक्त जोखिम भत्ता
इतने खतरनाक मिशन पर जाने के बावजूद अंतरिक्ष यात्रियों को अलग से कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं दिया जाता है। उन्हें न ओवरटाइम का पैसा मिलता है, न ही अंतरिक्ष में बिताए समय के लिए कोई खास भत्ता दिया जाता है। यानी धरती से लाखों किलोमीटर दूर जाने वाले ये यात्री भी सामान्य सरकारी कर्मचारियों के बराबर ही वेतन पर काम करते हैं, जो कई लोगों के लिए चौंकाने वाली बात हो सकती है और चर्चा का विषय बना हुआ है।
सैलरी
कैनेडियन अंतरिक्ष यात्री की सैलरी
इस मिशन में कनाडा की स्पेस एजेंसी का भी एक अंतरिक्ष यात्री शामिल है, जिसकी सैलरी व्यवस्था अलग है। कैनेडियन एस्ट्रोनॉट्स की सालाना सैलरी लगभग 97,000 डॉलर से 1,90,000 डॉलर तक होती है, जो भारतीय रुपये में करीब 90 लाख से 1.75 करोड़ रुपये के बीच बैठती है। अनुभव और मिशन में भागीदारी के साथ उनकी कमाई बढ़ती है, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अलग-अलग वेतन ढांचे को भी दिखाती है।