कैसे साइबर जालसाजों के लिए मददगार साबित हो सकता है व्हाट्सऐप का यूजरनेम फीचर? जानिए खतरा
क्या है खबर?
व्हाट्सऐप जल्द ही ऐसा फीचर लाने जा रही है, जिसमें यूजर मोबाइल नंबर की जगह केवल यूजरनेम से बातचीत कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि इससे लोगों की प्राइवेसी बेहतर होगी और नंबर साझा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, साइबर सुरक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि यह सुविधा ऑनलाइन ठगी करने वाले जालसाजों के लिए भी नया हथियार बन सकती है। ऐसे में यूजर्स को पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।
खतरा
नकली यूजरनेम बनाकर कर सकते हैं ठगी
विशेषज्ञों के मुताबिक, साइबर जालसाज किसी मशहूर व्यक्ति, कंपनी या बैंक से मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं। कई यूजर केवल नाम देखकर भरोसा कर लेते हैं और बिना जांच किए बातचीत शुरू कर देते हैं। इसके बाद ठग पैसे मांगने, फर्जी निवेश योजना बताने या बैंकिंग जानकारी हासिल करने जैसी कोशिश कर सकते हैं। इससे ऑनलाइन ठगी के मामलों में बढ़ोतरी का खतरा भी माना जा रहा है।
अन्य खतरा
फर्जी कस्टमर केयर और AI का भी हो सकता है इस्तेमाल
जालसाज फर्जी कस्टमर केयर अकाउंट बनाकर लोगों से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई आवाज या वीडियो का इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश भी की जा सकती है। ऐसे मामलों में लोग असली और नकली अकाउंट के बीच अंतर नहीं कर पाएंगे। यही वजह है कि किसी भी अनजान यूजरनेम से आए संदेश या पैसे की मांग पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए।
सुरक्षा उपाय
कंपनी ने बताए सुरक्षा के उपाय
व्हाट्सऐप का कहना है कि यूजरनेम फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा और अकाउंट पहले की तरह मोबाइल नंबर से ही जुड़ा रहेगा। कंपनी ने यह भी कहा है कि सुरक्षा के लिए कई स्तर की जांच और सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। कुछ यूजर अपने यूजरनेम के साथ खास पहचान नंबर भी जोड़ सकेंगे। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी अकाउंट पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान जरूर जांचें और सतर्क रहकर ही बातचीत करें।