हैकर डार्क वेब पर बेच रहे OpenAI और गूगल के AI मॉडल
हैकर्स ने कमाई का एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। वे OpenAI, गूगल और एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियों के ताकतवर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स तक पहुंच चुरा रहे हैं।
इसे 'LLM-जैकिंग' नाम दिया गया है। इस तरीके का इस्तेमाल करके साइबर अपराधी लॉग-इन डिटेल्स हथिया लेते हैं या सीधे कंपनियों के सर्वर में सेंध लगा देते हैं।
इससे उन्हें उन बेहतरीन AI टूल्स का मुफ्त में इस्तेमाल करने का मौका मिल जाता है, जिनके लिए आम तौर पर बहुत ज्यादा पैसा चुकाना पड़ता है।
97 फीसदी की मिल रही छूट
ये चोरी किए गए अकाउंट और सर्वर लॉग-इन डार्क वेब मार्केटप्लेस पर बेचे जा रहे हैं। कई बार तो ये 97 फीसदी तक की भारी छूट पर मिल जाते हैं।
इतना ही नहीं अगर, कोई लॉग-इन ब्लॉक हो जाए तो हैकर्स उसकी जगह दूसरे लॉग-इन भी देते हैं। जैसे-जैसे ज्यादा कंपनियां अपने AI सिस्टम चला रही हैं, इस तरह के साइबर क्राइम को अंजाम देना और आसान होता जा रहा है। यह साइबर अपराध, जासूसी और दूसरी गलत गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।