गुजरात सरकार और स्टारलिंक के बीच अहम समझौता, दूर-दराज इलाकों में मिलेगा तेज इंटरनेट
क्या है खबर?
अरबपति एलन मस्क की कंपनी स्पेस-X अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को जल्द ही भारत में शुरू कर सकती है। कंपनी ने इस दिशा में गुजरात सरकार के साथ एक अहम कदम उठाया है। राज्य के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में तेज इंटरनेट पहुंचाने के लिए दोनों के बीच लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) पर सहमति बनी है। इसका मकसद उन क्षेत्रों को जोड़ना है, जहां अब तक नेटवर्क की सुविधा बेहद सीमित रही है।
योजना
LoI के तहत क्या है योजना?
इस समझौते के तहत गुजरात के आदिवासी, बॉर्डर और पिछड़े जिलों में सैटेलाइट आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की योजना है, जहां अभी नेटवर्क की कमी है। पायलट प्रोजेक्ट में कॉमन सर्विस सेंटर, सरकारी स्कूल, ई-गवर्नेंस सुविधाएं, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष और कुछ संवेदनशील इलाकों को जोड़ा जाएगा ताकि सेवाएं तेज हो सकें। खासतौर पर नर्मदा और दाहोद जैसे जिलों में डिजिटल सेवाओं को मजबूत करना इसका मुख्य लक्ष्य बताया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिल सके।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
NEWS: India's Gujarat state has signed a letter of intent with Starlink to provide high-speed, satellite-based internet connectivity across remote and underserved regions.
— DogeDesigner (@cb_doge) February 9, 2026
pic.twitter.com/QiYqjuCpBL
फायदा
सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य को मिलेगा फायदा
स्टारलिंक कनेक्टिविटी से गुजरात राज्य के पिछड़े इलाकों में पुलिस चौकियों, आपदा प्रबंधन केंद्र और वाइल्डलाइफ मॉनिटरिंग सिस्टम को बेहतर, तेज और भरोसेमंद नेटवर्क मिलेगा। इसके साथ ही, स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेलीमेडिसिन सेवाएं ज्यादा आसान और सुलभ होंगी। खराब मौसम या आपदा के समय भी यह नेटवर्क काम करता रहेगा, जिससे सुरक्षा, राहत और जरूरी सरकारी सेवाओं की डिलीवरी ज्यादा भरोसेमंद बन सकेगी।
रणनीति
आगे की रणनीति और वर्किंग ग्रुप
इस योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए गुजरात सरकार और स्टारलिंक का एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा, जो पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करेगा। यह समूह तकनीकी पहलुओं, जमीनी जरूरतों और भविष्य के विस्तार से जुड़े फैसलों पर नियमित रूप से काम करेगा। LoI में इंडस्ट्रियल पार्क, हाईवे सेफ्टी सिस्टम, पोर्ट और कोस्टल पुलिस ऑपरेशन को बेहतर कनेक्टिविटी देने की भी बात शामिल है, जिससे पूरे राज्य में डिजिटल ढांचा और मजबूत हो सके।