AI के बढ़ते असर से बदल सकता है टैक्स ढांचा, इनकम टैक्स पर संकट के संकेत
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण बड़े स्तर पर नौकरी पर असर पड़ रहा है। इसी बीच ब्रिटेन के ऑनलाइन बैंक मोंजो के संस्थापक टॉम ब्लॉमफील्ड ने कहा है कि आने वाले 5 से 6 सालों में इनकम टैक्स की जगह AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर टैक्स लगाया जा सकता है। उनका मानना है कि AI कंपनियों के काम करने और रोजगार देने के तरीके को तेजी से बदल रहा है, जिससे सरकारों को नए टैक्स मॉडल पर विचार करना पड़ सकता है।
सुझाव
कंप्यूटर सिस्टम पर टैक्स का सुझाव
ब्लॉमफील्ड ने कहा कि भविष्य में इंसानी मेहनत के बजाय कंप्यूटर सिस्टम और डेटा सेंटर जैसे "कंप्यूट" पर टैक्स लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि AI अब कई छोटे कामों में इंसानों से बेहतर काम कर रहा है। उन्होंने सैम ऑल्टमैन और डारियो अमोदेई के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में कई व्हाइट कॉलर नौकरियों की जरूरत काफी कम हो सकती है, जिससे रोजगार बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
असर
नौकरियों पर AI का असर बढ़ा
रिपोर्ट के मुताबिक, AI का असर अब कामकाज में साफ नजर आ रहा है। स्पॉटिफाई के अधिकारियों ने बताया कि कई इंजीनियर अब खुद कोड नहीं लिख रहे हैं और AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ गया है। वहीं, जॉब डाटा से पता चला है कि शुरुआती स्तर की नौकरियों में गिरावट आई है। इससे यह चिंता बढ़ रही है कि भविष्य में AI कई पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित कर सकता है और युवाओं के लिए अवसर कम हो सकते हैं।