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AI कंटेंट पर सरकार की सख्ती, 3 घंटे में हटाना होगा गैर-कानूनी कंटेंट
AI कंटेंट पर सरकार की सख्ती

AI कंटेंट पर सरकार की सख्ती, 3 घंटे में हटाना होगा गैर-कानूनी कंटेंट

Aug 06, 2026
08:00 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने IT नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और दूसरे इंटरमीडियरी को सरकार या अदालत का वैध आदेश मिलने के केवल तीन घंटे के भीतर गैर-कानूनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना कंटेंट हटाना होगा। अभी इसके लिए 36 घंटे का समय मिलता है। इस कदम का उद्देश्य ऑनलाइन सुरक्षा, जवाबदेही, पारदर्शिता बढ़ाना और इंटरनेट यूजर्स को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

लेबलिंग

AI कंटेंट की लेबलिंग होगी जरूरी

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, AI से बनाई गई तस्वीर, वीडियो, ऑडियो और दूसरे डिजिटल कंटेंट पर स्पष्ट लेबल लगाना जरूरी होगा।

इसके साथ ऐसा मेटाडाटा भी जोड़ना होगा, जिससे यह आसानी से पता चल सके कि कंटेंट AI से तैयार किया गया है।

सरकार का मानना है कि इससे लोगों को असली और नकली कंटेंट की पहचान करने में आसानी होगी तथा गलत जानकारी फैलने का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

डीपफेक

डीपफेक पर होगी सख्त कार्रवाई

सरकार ने डीपफेक, AI से बने फर्जी वीडियो, ऑडियो, तस्वीरों और दूसरे नुकसानदायक कंटेंट पर सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव दिया है।

यह नियम लागू होने के बाद सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे कंटेंट को तेजी से हटाने के साथ उसके प्रसार को रोकने के लिए तकनीकी उपाय अपनाने होंगे।

खासतौर पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट, निजी तस्वीरों और दूसरे संवेदनशील मामलों पर तुरंत प्रभावी कार्रवाई करना भी अनिवार्य होगा।

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शिकायत

शिकायतों का होगा जल्दी निपटारा

ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, आम शिकायतों के निपटारे की समय सीमा 72 घंटे से घटाकर 36 घंटे करने का प्रस्ताव है।

वहीं, नग्नता, फर्जी पहचान या किसी की नकल जैसे संवेदनशील मामलों में शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई का समय 24 घंटे से घटाकर केवल 2 घंटे किया जा सकता है।

सरकार चाहती है कि ऐसे मामलों में लोगों को जल्द राहत, बेहतर सुरक्षा और समय पर न्याय जैसी सुविधा मिल सके।

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नियम

अभी अंतिम नहीं हैं नए नियम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव फिलहाल मसौदे के रूप में जारी किए गए हैं और इन्हें सार्वजनिक सुझावों के लिए रखा गया है।

लोगों और संबंधित पक्षों से राय मिलने के बाद ही अंतिम नियम तय किए जाएंगे। इसलिए मौजूदा प्रस्तावों में बदलाव भी संभव है।

सरकार का लक्ष्य AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सुरक्षित, पारदर्शी, भरोसेमंद और जिम्मेदार डिजिटल वातावरण तैयार करना है, जिससे सभी उपयोगकर्ताओं का हित सुरक्षित रह सके।

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