सरकार वित्तीय क्षेत्र के लिए लागू कर सकती है साइबर सुरक्षा रणनीति, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
केंद्र सरकार दिसंबर तक बैंकों, प्रतिभूति बाजारों, बीमा, पेंशन और वित्तीय बाजार के बुनियादी ढांचे को कवर करने वाली एक व्यापक साइबर सुरक्षा रणनीति को लागू करने के लिए काम कर रही है। यह कदम एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा संचालित साइबर जोखिमों और एंथ्रोपिक के मिथोस जैसे टूल्स द्वारा उजागर की गई कमजोरियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया जा रहा है। इसका उद्देश्य वित्तीय संस्थाओं में साइबर सुरक्षा की मौजूदा कमियों को दूर करना है।
फायदा
इस रणनीति से बढ़ेगा आपसी समन्वय
एक सरकारी अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "वित्तीय क्षेत्र की साइबर सुरक्षा रणनीति आने वाले महीनों में संभवतः इस वर्ष के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। कमियों को देखते हुए हमने एक समर्पित साइबर सुरक्षा रणनीति विकसित करने का निर्णय लिया है।" उनके अनुसार, इस ढांचे से वित्तीय क्षेत्र में सामान्य मानक और बुनियादी सुरक्षा उपाय स्थापित होने की उम्मीद है। साथ ही उभरते खतरों से निपटने में नियामकों और वित्तीय संस्थानों के बीच समन्वय में सुधार होगा।
जरूरत
इसके बाद पड़ी रणनीति बनाने की जरूरत
तेजी से विकसित हो रहे AI-आधारित साइबर टूल्स के कारण हमलों की तीव्रता और गति में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है, जिसके चलते अधिकारियों ने रणनीति पर काम तेज कर दिया है। भारत में यह मुद्दा हाल के महीनों में तब चर्चा में आया, जब बैंकों ने साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत किया और सिस्टम की कमजोरियों की समीक्षा की। यह सब एंथ्रोपिक के मिथोस और इसी तरह के अन्य मॉडल्स के बारे में वैश्विक चेतावनियों के बाद हुआ।