गूगल ने डीपमाइंड की AI टीम को वैश्विक मामले विभाग में भेजा
गूगल अपनी 90 लोगों वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जिम्मेदारी टीम को डीपमाइंड से हटाकर अपने वैश्विक मामले विभाग में भेज रही है।
यह विभाग सार्वजनिक नीतियों और लॉबिंग का काम देखता है। कंपनी का मकसद डीपमाइंड को कंपनी की मुख्य संरचना के और करीब लाना है। साथ ही, AI जिम्मेदारी टीम को गूगल के वैश्विक मामले संगठन का हिस्सा बनाना है, जिससे पूरे गूगल में तालमेल और बेहतर हो सके।
फैसले से डीपमाइंड के कर्मचारी चिंतित
डीपमाइंड के कुछ कर्मचारियों को इस बदलाव को लेकर चिंता है। उनका मानना है कि इससे AI जिम्मेदारी टीम के लिए अहम शोध तक पहुंच बनाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में जेमिनी जैसे AI मॉडल में खतरों को पहचानना और भी चुनौती भरा हो सकता है।
हालांकि, गूगल डीपमाइंड की उपाध्यक्ष हेलेन किंग ने सभी को भरोसा दिलाया कि उनके काम, संसाधनों और पहुंच में कोई बदलाव नहीं आएगा।
दिग्गज टेक का कहना है कि यह फेरबदल असल में AI को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग टीमों को मिलकर बेहतर काम करने में मदद करेगा।
यह समूह खतरों (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर जोखिम) के लिए टेस्टिंग जारी रखेगा। वे इस बात का भी अध्ययन करते रहेंगे कि लोग AI के साथ कैसे बातचीत करते हैं। उनके चल रहे शोध प्रोजेक्ट्स भी पहले की तरह ही चलते रहेंगे।