गूगल ने बताई अंतरिक्ष में AI डाटा सेंटर बनाने में 100 गुना महंगा होने की चुनौती
गूगल ने हाल ही में बताया है कि अंतरिक्ष में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर बनाने में धरती पर बनाने के मुकाबले 100 गुना ज्यादा खर्च आ सकता है।
यह सब उसके 'प्रोजेक्ट सनकैचर' का हिस्सा है, जिसके तहत वह सोलर पावर से चलने वाले AI सैटेलाइट्स चलाना चाहती है। एक मजेदार बात यह है कि इसके पहले सैटेलाइट ने अपनी ऑनबोर्ड AI का इस्तेमाल करके एक हाइकू (जापानी कविता) रिक्वेस्ट को प्रोसेस भी किया है। यह एक बड़ी कामयाबी है।
धरती के संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल पर ध्यान
गूगल की डाटा सेंटर एनर्जी की प्रमुख अमांडा पीटरसन कोरियो का कहना है कि अंतरिक्ष में बड़े प्रोजेक्ट लॉन्च करने से पहले हमें धरती के संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना चाहिए।
हालांकि, कंपनी को अब भी 2027 तक अपनी स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने की उम्मीद है। वे ऐसे तरीके खोज रहे हैं, जिनसे सैटेलाइट्स मिलकर डाटा को तेजी से प्रोसेस कर सकें। इससे उन परेशान करने वाले 'लैग टाइम' को कम करने में मदद मिल सकती है।
इसी बीच, स्पेस-X और ब्लू ओरिजन भी अपने अंतरिक्ष आधारित AI प्लान पर काम कर रही हैं, वहीं चीन भी जल्द ही बड़े ऑर्बिटल सिस्टम बनाने की तैयारी में है। अगली पीढ़ी की AI टेक्नोलॉजी के लिए होड़ अब शुरू हो चुकी है!