सैन्य AI प्रोजेक्ट्स को लेकर डीपमाइंड कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी
कुछ गूगल डीपमाइंड कर्मचारियों ने अपनी नौकरी छोड़ दी है। कंपनी की सैन्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) परियोजनाओं में बढ़ती भागीदारी को लेकर उन्हें चिंता सता रही थी।
डीपमाइंड में 3 साल काम कर चुकी सोफिया लिगुओरी ने बताया कि गूगल के इस दिशा में बढ़ने से वे सहज नहीं थीं।
एक और शोधकर्ता एंड्रियास किर्श ने भी इस्तीफा दे दिया। उन्हें इस बात पर संदेह था कि गूगल अपनी तकनीक के अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल पर पूरी तरह से नजर रख पाएगा या नहीं।
सुरक्षा उपायों पर उठ रहे सवाल
ये इस्तीफे इस बड़े सवाल को सामने लाते हैं कि युद्ध में AI का इस्तेमाल कितना सही है? खासकर ऐसे समय में जब अमेरिकी सेना खुद को AI-फर्स्ट बनाने की तैयारी में जुटी है।
आलोचक आगाह करते हैं कि तेजी से बढ़ता AI गंभीर हालात में इंसानी निगरानी को कहीं ज्यादा मुश्किल बना सकता है।
गूगल कहता है कि वह नैतिक सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से कॉन्ट्रैक्ट्स की जांच करता है, लेकिन कुछ कर्मचारियों को भरोसा नहीं है कि ये सुरक्षा उपाय काफी होंगे।
यह बहस दर्शाती है कि टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग गंभीरता से सोच रहे हैं कि उनका काम समाज और दुनिया की सुरक्षा पर कैसा असर डालता है।