गूगल और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया पुराने स्मार्टफोन से बना रही कंप्यूटिंग कलस्टर
गूगल और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया सैन डिएगो एक साथ मिलकर उन पुराने स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो घरों में धूल फांक रहे हैं।
अब इन फोंस को फेंकने के बजाय उन्हें पर्यावरण के अनुकूल कंप्यूटिंग क्लस्टर में बदला जा रहा है। इनका इस्तेमाल क्लाउड ऐप्स और रिसर्च प्रोजेक्ट्स चलाने में होगा, जिससे नए हार्डवेयर बनाने से होने वाला प्रदूषण भी घटेगा।
स्मार्टफोन के मदरबोर्ड लिए जा रहे काम
इस प्रक्रिया में काफी हाथ से काम होता है। सबसे पहले स्मार्टफोन से स्क्रीन, कैमरा और बैटरी हटाई जाती है, जिससे सिर्फ फोन का मदरबोर्ड बचता है। इन मदरबोर्ड्स को एक साथ जोड़ा जाता है और उनमें लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम डाला जाता है, ताकि वे मिनी-सर्वर्स की तरह काम कर सकें।
इनका इस्तेमाल रिसर्च प्लेटफॉर्म्स या क्लासरूम टूल्स के तौर पर होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में 2,000 फोंस का एक बड़ा क्लस्टर बनाने की तैयारी है। यह क्लस्टर कंप्यूटर साइंस के कोर्स चलाने के काम आएगा। साथ ही, यह भी परखा जाएगा कि सामान्य फोन का हार्डवेयर डाटा सेंटर जैसे बड़े सेटअप में कैसा प्रदर्शन करता है।