गूगल और OpenAI के कर्मचारियों ने की सैन्य AI अनुबंध कम करने की मांग
क्या है खबर?
गूगल, OpenAI और कई टेक कंपनियों के कर्मचारियों के बीच मिलिट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कई कर्मचारियों ने ओपन लेटर जारी कर कंपनियों से मांग की है कि वे पेंटागन के साथ AI प्रोजेक्ट्स में स्पष्ट सीमाएं तय करें। कर्मचारियों का कहना है कि AI तकनीक का इस्तेमाल हथियार, निगरानी और युद्ध से जुड़े कामों में नहीं होना चाहिए। इस मुद्दे पर कंपनियों के अंदर भी बहस तेज हो गई है।
पत्र
कर्मचारियों ने लिखे विरोध पत्र
रिपोर्ट के अनुसार, 'हम बंटे नहीं रहेंगे' शीर्षक वाले एक ओपन लेटर पर सैकड़ों टेक कर्मचारियों ने हस्ताक्षर किए हैं। कुछ ही दिनों में इस पत्र पर करीब 900 लोगों ने साइन कर दिए। इनमें लगभग 800 कर्मचारी गूगल से और करीब 100 कर्मचारी OpenAI से बताए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार कंपनियों को अलग-अलग दबाव में लाकर सैन्य AI प्रोजेक्ट्स में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
विरोध
पहले भी हो चुका है विरोध
गूगल में इस तरह का विवाद पहले भी सामने आ चुका है। साल 2018 में कंपनी के कई कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट मावेन नाम के एक सैन्य प्रोजेक्ट का विरोध किया था। यह प्रोजेक्ट ड्रोन से मिलने वाले डाटा के विश्लेषण से जुड़ा था। उस समय कर्मचारियों के विरोध के बाद कंपनी को इस प्रोजेक्ट से पीछे हटना पड़ा था। अब फिर से AI मॉडल्स को सेना के इस्तेमाल में लाने की खबरों से कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है।
अन्य
पूरी टेक इंडस्ट्री में उठी आवाज
सिर्फ गूगल और OpenAI ही नहीं, बल्कि दूसरी टेक कंपनियों के कर्मचारी भी इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सेल्सफोर्स, IBM, डाटाब्रिक्स और अन्य कंपनियों के कर्मचारियों ने भी एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें मांग की गई है कि AI तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर निगरानी या स्वचालित हथियारों में न किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ होना चाहिए।