गूगल का AI अब बनाएगा गेम और फिल्में, कंपनी ने शुरू किया नया प्रोजेक्ट
क्या है खबर?
गूगल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सिर्फ चैटबॉट और तस्वीरें बनाने तक सीमित नहीं रख रहा है। कंपनी ने मनोरंजन के क्षेत्र में इसके इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए दो नई पहल शुरू की हैं। 7 अक्टूबर को गूगल ने यूनिटी के साथ मिलकर प्लेग्राउंड नाम का AI प्लेटफॉर्म पेश किया, जहां आसान प्रॉम्प्ट के जरिए गेम तैयार किए जा सकेंगे। इसके अलावा, भारत में फिल्ममेकर्स के लिए फ्लो के साथ नई पहल शुरू की गई है।
गेम
बिना कोडिंग के बना सकेंगे गेम
गूगल और यूनिटी का प्लेग्राउंड ऐसे लोगों के लिए बनाया गया है, जिन्हें गेम बनाने के लिए कोडिंग नहीं आती।
यूजर सिर्फ अपने गेम का आइडिया प्रॉम्प्ट के रूप में लिखकर इंटरैक्टिव अनुभव तैयार कर सकेंगे। इसमें गूगल की AI तकनीक और वर्ल्ड मॉडल का इस्तेमाल किया गया है।
यूनिटी के CEO मैथ्यू ब्रोमबर्ग के मुताबिक, इसका मकसद डेवलपर्स की जगह लेना नहीं, बल्कि उनके मौजूदा सॉफ्टवेयर और रचनात्मक काम को आसान बनाना है।
बहस
गेमिंग में AI को लेकर बहस
प्लेग्राउंड का विस्तार ऐसे समय में हुआ है, जब गेमिंग में AI के इस्तेमाल को लेकर बहस तेज है।
कुछ डेवलपर्स को डर है कि AI से बनाए गए गेम और एसेट्स के बढ़ने से उनकी नौकरियों और रचनात्मक काम पर असर पड़ सकता है। यूनिटी का कहना है कि उसकी दिलचस्पी कम मेहनत वाले गेम बनाने में नहीं है।
कंपनी ज्यादा उपयोगी और बेहतर इंटरैक्टिव मनोरंजन तैयार करने के लिए AI का इस्तेमाल करना चाहती है।
पहल
भारतीय फिल्ममेकर्स के लिए नई पहल
गूगल ने भारत में विमेन इन फिल्म इंडिया के साथ मिलकर फिल्माथॉन शुरू करने का भी ऐलान किया है।
इसमें फिल्ममेकर्स गूगल के AI फिल्ममेकिंग टूल फ्लो की मदद से अपनी ओरिजिनल फिल्में बनाएंगे। चुनी गई 5 फिल्मों को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया, गोवा 2026 में पेश किया जाएगा।
इससे पहले गूगल ने यशराज फिल्म्स के साथ मुंबई में फ्लो की ट्रेनिंग शुरू की थी और शकुन बत्रा समेत दूसरे फिल्ममेकर्स के साथ भी काम किया है।