गूगल में 75 प्रतिशत नए कोड AI से हो रहे तैयार, कंपनी प्रमुख ने किया खुलासा
क्या है खबर?
गूगल ने खुलासा किया है कि कंपनी में लिखे गए सभी नए कोड का 75 प्रतिशत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा तैयार किया जाता है और मानव इंजीनियर्स द्वारा उसकी समीक्षा की जाती है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचई द्वारा किए गए इस खुलासे से अब तक का सबसे सटीक और महत्वपूर्ण सार्वजनिक आंकड़ा सामने आया है, जो दर्शाता है कि दिग्गज टेक कंपनी में सॉफ्टवेयर विकास को AI ने पूरी तरह से बदल दिया है।
कोडिंग
कोडिंग का ज्यादातर काम AI को सौंपा
कंपनी अपने कर्मचारियों को कोडिंग और अन्य कार्यों के लिए AI का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। कोडिंग प्रक्रिया में गूगल के कोडबेस में जोड़ी गई हर 4 लाइन के कोड में से 3 लाइन अब AI मॉडल द्वारा तैयार की जाती हैं। इंजीनियर AI द्वारा जनरेट किए गए कोड की समीक्षा, मूल्यांकन, संशोधन और स्वीकृति या अस्वीकृति करते हैं। अधिकांश नए सॉफ्टवेयर आउटपुट का काम पहले ही AI को सौंप दिया गया है।
निगरानी
इंजीनियर्स को सौंपा निगरानी का काम
जब कोडिंग का काम AI को सौंप दिया है तो ऐसे गूगल में नियुक्त हाजरों इंजीनियर्स वो काम कर रहे हैं, जिसे यह तकनीक अभी तक विश्वसनीय रूप से नहीं कर सकती है। ये सिस्टम आर्किटेक्चर संबंधी निर्णय, बड़े कोडबेस में जटिल डिबगिंग, सुरक्षा और विश्वसनीयता की समीक्षा, व्यावसायिक आवश्यकताओं को समझना और उन्हें इंजीनियरिंग विशिष्टताओं में बदलना और AI के आउटपुट की समीक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण जैसे काम संभालते हैं।