विशाखापट्टनम में गूगल के AI डाटा सेंटर निर्माण के खिलाफ विरोध
विशाखापट्टनम में गूगल के 15 अरब डॉलर (करीब 1,400 अरब रुपये) के विशाल डाटा सेंटर प्रोजेक्ट को स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों को पानी की कमी और पर्यावरण को होने वाले नुकसान की चिंता सता रही है। कार्यकर्ता 'डाटा पिया नहीं जा सकता' जैसे नारे देकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी मांग है कि प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ाने से पहले पर्यावरण की ठीक से जांच की जाए।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को होगा फायदा
इस प्रोजेक्ट से स्थानीय अर्थव्यवस्था को हर साल 68.80 करोड़ डॉलर (करीब 6,500 करोड़ रुपये) का फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे हजारों नई नौकरियां भी पैदा होंगी, लेकिन कुछ लोग इसे फायदे का सौदा नहीं मान रहे हैं।
आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और दूसरी जगह बसाने की पेशकश की है, फिर भी लंबी अवधि के फायदों को लेकर अभी भी कई लोगों के मन में संदेह बना हुआ है। इस बीच, इस घोषणा के बाद से विशाखापट्टनम में जमीन की कीमतें 45 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
दूसरी तरफ, गूगल का कहना है कि वह पानी की कमी की चिंताओं को दूर करने के लिए आधुनिक कूलिंग तकनीक का इस्तेमाल करेगा।