भारत में रखी गई पहली क्वांटम वैली की आधारशिला, जानिए क्या है इसका उद्देश्य
क्या है खबर?
भारत आधिकारिक तौर पर क्वांटम युग में प्रवेश कर रहा है। यह एक ऐसा परिवर्तन है, जो पारंपरिक कंप्यूटिंग के हमारे मौजूदा स्वरूप के अंत का प्रतीक है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने अमरावती क्वांटम वैली की आधारशिला रखी और इसे देश के तकनीकी भविष्य की नींव घोषित किया। 6,000 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन द्वारा समर्थित यह परियोजना देश को प्रौद्योगिकी के उपभोक्ता से उन्नत तकनीक में वैश्विक सॉवरेन शक्ति में बदलने के लिए डिजाइन की है।
फायदा
इस केंद्र से होंगे ये फायदे
आंध्र प्रदेश के अमरावती में क्वांटम वैली भारत का पहला एकीकृत क्वांटम पारिस्थितिकी तंत्र है, जो 50 एकड़ में फैला एक उच्च तकनीक वाला परिसर है जिसे अनुसंधान, विनिर्माण और कौशल विकास को एकीकृत करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस केंद्र में एक अत्याधुनिक कंप्यूटर होगा, जो सामान्य लैपटॉप से लाखों गुना तेज है। इससे वैज्ञानिकों को नई दवाएं खोजने या अभेद्य सुरक्षा प्रणाली बनाने जैसी बड़ी समस्याओं को कुछ ही सेकंड में हल करने में मदद मिलेगी।
रोजगार
कितने लोगों को मिलेगा रोजगार?
इस केंद्र की स्थापना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य 88,000 रोजगार सृजित करना और 2,000 किलोमीटर का एक सुरक्षित संचार नेटवर्क बनाना है, जिससे भारत के रणनीतिक डाटा की सुरक्षा लगभग पूरी तरह से सुरक्षित रहे। राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में क्वांटम प्रौद्योगिकी अब वैकल्पिक नहीं रह गई है। यह रक्षा तंत्र को क्वांटम सुरक्षा कवच प्रदान करती है, जिससे संवेदनशील संचार को अवरोधन से बचाया जा सकता है। स्वास्थ्य सेवा में भी इसका प्रभाव उतना ही परिवर्तनकारी है।