फीफा ने सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों से गलत व्यवहार रोकने के लिए उठाया कदम
फीफा ने 2026 वर्ल्ड कप से पहले सोशल मीडिया पर होने वाले गलत व्यवहार से निपटने के लिए अपनी तैयारी और मज़बूत की है। 11 जून को अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए फीफा ने अपनी 'सोशल मीडिया प्रोटेक्शन सर्विस' को और बेहतर बनाया है।
इस अपग्रेडेड सर्विस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो आपत्तिजनक टिप्पणियों को तुरंत पहचान कर उन्हें छिपा देगा। इससे खिलाड़ियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स टूर्नामेंट के दौरान और सुरक्षित रहेंगे।
AI लगभग 30,000 शब्दों की जांच करेगा जांच
यह AI करीब 30,000 ऐसे शब्दों की पहचान करता है, जिन पर आपत्ति हो सकती है। यह तकनीक इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, टिक-टॉक और थ्रेड्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 2 सेकेंड के भीतर आपत्तिजनक मैसेज को ब्लॉक कर सकती है, लेकिन यह सर्विस एलन मस्क के एक्स पर काम नहीं करेगी।
इस पहल का मुख्य लक्ष्य खिलाड़ियों की मानसिक सेहत का ख्याल रखना है क्योंकि अब पहले से कहीं ज्यादा लोग उन्हें फॉलो कर रहे हैं और उन पर नजर रख रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि कई देशों की टीमें इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए खुद को रजिस्टर करेंगी। हालांकि, इंग्लैंड जैसी कुछ बड़ी टीमें अभी तक इससे नहीं जुड़ी हैं।