यूरोप के एक अंतरिक्ष यान ने खोला सूरज की 'S' चाल का रहस्य
यूरोप के एक अंतरिक्ष यान ने हाल ही में पृथ्वी और सूरज के बीच अंतरिक्ष में एक अनोखे 'S' आकार के मोड़ से यात्रा की है। यह मोड़ असल में सूरज के अपने वायुमंडल से पैदा हुआ एक घुमाव है।
सोलर ऑर्बिटर ने अपने 'सोलर विंड एनालाइजर' का इस्तेमाल कर चार्ज हुए ऑक्सीजन और कार्बन कणों का पता लगाया। इस खोज से वैज्ञानिक इस 'स्विचबैक' को सीधा सूरज पर मौजूद गर्म चुंबकीय लूप्स से जोड़ पाए।
सटीक होगी अंतरिक्ष के मौसम की भविष्यवाणी
इस खोज से वैज्ञानिक अब यह बेहतर ढंग से समझ पाएंगे कि सूरज अपने वायुमंडल को कैसे गर्म करता है और चार्ज हुए कणों को तारे से दूर कैसे धकेलता है। यही कण आखिरकार पृथ्वी तक पहुंचते हैं।
जेसी कोबर्न के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन को 'नेचर एस्ट्रोनॉमी' पत्रिका में प्रकाशित किया गया था। इस शोध से पता चला कि यह प्लाज्मा गर्म, बंद कोरोनल लूप्स से आया था।
जैसा कि शोधकर्ता स्टेफेनियन यार्डली ने बताया, लहरें और अशांति ही तय करती हैं कि यह सारा सौर प्लाज्मा अंतरिक्ष में कैसे फैलता है। यह पृथ्वी पर हम इंसानों पर असर डालने वाले अंतरिक्ष के मौसम की भविष्यवाणी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।