अंग्रेजी बन सकती है भविष्य में सबसे शक्तिशाली प्रोग्रामिंग भाषा, एनवीडिया CEO का अनुमान
क्या है खबर?
टेक निर्माता दिग्गज कंपनी एनवीडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जेन्सेन हुआंग ने प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के भविष्य को लेकर एक बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सबसे ताकतवर प्रोग्रामिंग भाषा C++ या पायथन नहीं, बल्कि अंग्रेजी हो सकती है। हुआंग का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेज विकास से इंसान और कंप्यूटर के बीच संवाद का तरीका बहुत तेजी से बदल रहा है।
काम
नेचुरल लैंग्वेज से काम करेगा AI
हुआंग के अनुसार, जल्द ही यूजर को जटिल कोड लिखने की जरूरत धीरे-धीरे कम हो सकती है। AI टूल्स ऐसे बन रहे हैं जो साधारण अंग्रेजी में दिए गए निर्देशों को समझकर एप्लिकेशन, स्क्रिप्ट और डिजिटल प्रोडक्ट तैयार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में लोग अपनी जरूरत आसान शब्दों में बताएंगे और AI उसी आधार पर जरूरी आउटपुट तैयार करेगा। इससे सॉफ्टवेयर बनाना ज्यादा आसान हो सकता है।
तरीका
डिबगिंग और डेवलपमेंट का बदलेगा तरीका
उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाले समय में सॉफ्टवेयर की गलतियां ढूंढने और ठीक करने का तरीका भी बदल सकता है। पारंपरिक कोड की लाइनें जांचने की बजाय यूजर AI से सीधे कह सकेंगे कि आउटपुट सुधार दिया जाए। इससे डेवलपमेंट प्रक्रिया तेज हो सकती है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि C++ और पायथन जैसी भाषाएं खत्म नहीं होंगी, बल्कि सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर में उनका इस्तेमाल जारी रहेगा।
असर
डेवलपर्स और कंपनियों पर असर
हुआंग का मानना है कि आगे चलकर डेवलपर्स का ध्यान कोड लिखने से ज्यादा समस्या को सही तरीके से समझाने पर होगा। कम्युनिकेशन और साफ निर्देश देना महत्वपूर्ण कौशल बन सकता है। कंपनियों के लिए भी यह बदलाव फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि गैर-तकनीकी लोग भी AI की मदद से टूल और प्रोटोटाइप बना सकेंगे। इससे सॉफ्टवेयर बनाने की प्रक्रिया अधिक लोगों के लिए आसान और सुलभ हो सकती है।