टर्जेपेटाइड ने प्रायोगिक दवा के साथ मोटापा घटाने में दिखाया गजब का परिणाम
टेक्नोलॉजी
एली लिली के एक नए शोध से सामने आया है कि जब मौंजारो की टर्जेपेटाइड को प्रायोगिक दवा एलोरालिन्टाइड के साथ मिलाकर एलोराTZP के रूप में दिया गया तो मोटापे और टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों का वजन एक साल से भी कम समय में औसतन 23.3 फीसदी तक कम हो गया।
यह केवल टर्जेपेटाइड इस्तेमाल करने वालों के 14.8 फीसदी वजन घटने से कहीं ज्यादा है।
एलोरालिन्टाइड से ब्लड शुगर हुई नियंत्रित
एलोरालिन्टाइड दवा एक प्राकृतिक हार्मोन की तरह काम करती है, जिससे यह टर्जेपेटाइड के असर को और बढ़ा देती है। इसके इस्तेमाल से ब्लड शुगर भी बेहतर नियंत्रित हुआ।
हालांकि, एलोराTZP लेने वाले लगभग एक-चौथाई मरीजों ने दुष्प्रभाव के चलते इलाज बीच में ही छोड़ दिया। यह संख्या केवल टर्जेपेटाइड लेने वालों की तुलना में काफी ज्यादा थी।