डिजिटल सर्टिफिकेट कीज उजागर होने पर ई-मुद्रा ने मांगी माफी
भारतीय साइबर सुरक्षा कंपनी ई-मुद्रा ने एक बड़ी गलती के लिए माफी मांगीं है। दरअसल, एक स्क्रिप्टिंग एरर के कारण कंपनी के डिजिटल सर्टिफिकेट कीज खुले में आ गए थे।
ये कमजोर कीज किसी को भी फर्जी वेबसाइट बनाने में मदद कर सकती थीं, जिससे इंटरनेट पर लोगों का भरोसा खतरे में पड़ सकता था।
इस समस्या को ठीक करने के लिए ई-मुद्रा अपने कामकाज की गहन समीक्षा करवाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ले रही है।
ई-मुद्रा की कीज से WebPKI को खतरा
एक शोधकर्ता ने यह खोजा कि ई-मुद्रा की कुछ महत्वपूर्ण एन्क्रिप्शन कीज का अनुमान लगाना बहुत आसान था। मजबूत कोड के बजाय ये केवल 4 या 56 जैसे बेहद साधारण नंबर थे।
इस कमजोरी ने उस वैश्विक सिस्टम (WebPKI) को खतरे में डाल दिया, जो वेबसाइट्स की पहचान और प्रमाणिकता की पुष्टि करता है। ई-मुद्रा ने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने अपने ग्राहकों, पूरे WebPKI समुदाय और पार्टनर्स से माफी मांगीं और साफ तौर पर कहा, "यह कमी हमारी तरफ से थी।"