डिजिटल बातचीत को नया रूप दे रहा AI, जानिए इसमें उपयोगी टूल्स
क्या है खबर?
वर्तमान डिजिटल दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बातचीत करने के ढंग को नया रूप दे रहा है। ये टूल जरूरत के हिसाब से सुझाव देते हैं। हर पल का विश्लेषण करके बताते हैं और बातचीत वाली प्रैक्टिस भी करवाते हैं। इनसे हमारी लिखने, बोलने और सुनने की क्षमता बेहतर होती हैं, चाहे आप ईमेल लिख रहे हों या वर्चुअल मीटिंग कर रहे हों। आइये जानते हैं ऐसे टूल, जो आपको तुरंत गलतियां बताकर आपनी तरक्की भी बताते हैं।
#1
क्विलबॉट: बढ़ाते हैं लिखने की सटीकता
क्विलबॉट लिखने के कौशल को निखारने के लिए एक बहुत काम का टूल है, जिसकी जरूरत ईमेल और रिपोर्ट लिखते समय पड़ती है। यह व्याकरण की गलतियों को तो पकड़ता ही है, साथ ही वाक्यों को बहुत अच्छे से बदलकर लिखने का मौका भी देता है। इससे लिखने के लहजे को पेशेवर अंदाज के हिसाब से बदला जा सकता है। इस तरह, आप अपनी बात को साफ और सटीक तरीके से कह सकते हैं और उसमें अपनापन भी रहता है।
#2
टॉकपाल AI: बातचीत के तरीके को बेहतर बनाना
टॉकपाल AI को खास तौर पर मौखिक बातचीत को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। यह आपको वर्चुअल पार्टनर्स के साथ बातचीत का अभ्यास करवाता है। यह उच्चारण का अभ्यास करवाता है और आवाज के उतार-चढ़ाव पर भी सुझाव देता है, जिससे लोग वीडियो कॉन्फ्रेंस या प्रेजेंटेशन में आसानी से अपनी बात रख पाते हैं। यह बोलने की गति का विश्लेषण कर बिना किसी बेवजह की रुकावट या बिना मतलब के शब्दों का इस्तेमाल करने से बचाता है।
#3
रॉकी डॉट AI: पूरी कोचिंग के लिए इस्तेमाल
रॉकी डॉट AI एक एक्टिव कोच की तरह काम करता है। यह रियल-टाइम स्पैरिंग सेशंस के जरिये आपको ध्यान से सुनने और आत्मविश्वास जैसी क्षमता का अभ्यास करवाता है। यह बॉट आपकी कही बातों पर जवाब देता है, जिससे डिजिटल बातचीत में आपको आगे बढ़ने के अपने हिसाब से मौके मिलते रहते हैं। इससे पूरे तरीके से लोगों की सोच साफ होती है और वे बातचीत के दौरान दूसरों की भावनाओं को भी अच्छे से समझ पाते हैं।
#4
वर्चुअलस्पीच: प्रेजेंटेशन कौशल के लिए उपयोगी
वर्चुअलस्पीच AI और वर्चुअल रियलिटी (VR) सिमुलेशन का एक साथ इस्तेमाल करता है। यह मीटिंग या प्रेजेंटेशन के दौरान आपकी आंखों के तालमेल और बोलने के तरीके जैसी चीजों पर गौर करता है। यह टूल वेब या VR हेडसेट के जरिये तुरंत सुझाव देता है। आपके खड़े होने के तरीके, बोलने की गति और सार्वजनिक तौर पर बोलने से जुड़ी कई दूसरी बातों को सुधारता है। इस तरह, समय के साथ प्रेजेंटेशन देने का आपका आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है।