स्टारलिंक लॉन्च में देरी के लिए मस्क ने मुकेश अंबानी और सुनील मित्तल को ठहराया जिम्मेदार?
क्या है खबर?
भारत में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू होने में हो रही देरी को लेकर एलन मस्क ने बड़ा आरोप लगाया है। मस्क ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ भारतीय अरबपति कारोबारी अपनी टेलीकॉम कंपनियों का दबदबा बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को रोक रहे हैं। उनके इस बयान को भारत के बड़े टेलीकॉम कारोबारियों मुकेश अंबानी और सुनील मित्तल की ओर इशारा माना जा रहा है। हालांकि, मस्क ने किसी का नाम नहीं लिया।
बयान
मस्क ने क्या कहा?
मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट रीपोस्ट करते हुए लिखा, "दुर्भाग्य से, हमें कुछ खास अरबपतियों द्वारा रोका जा रहा है, ताकि भारतीय लोगों पर उनका एकाधिकार कायम रहे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं... यह भारत के लोगों के खिलाफ अपराध है।"
मस्क का सीधा आरोप है कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी भारतीय लोगों पर अपनी एकाधिकार वाली पकड़ बनाए रखने के लिए स्टारलिंक को भारत में आने से रोक रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
Unfortunately, we are being blocked by certain oligarchs in order to maintain their monopolistic chokehold on the Indian people. You can guess who they are …
— Elon Musk (@elonmusk) October 7, 2026
This is a crime against the people of India! https://t.co/t3YONgpcm7
तैयारी
स्टारलिंक ने तैयारी पूरी कर ली
स्पेस-X का कहना है कि स्टारलिंक ने भारत में सेवा शुरू करने के लिए जरूरी तैयारियां काफी हद तक पूरी कर ली हैं।
कंपनी ने देश में 20 गेटवे साइट्स बनाई हैं, जिनमें सैकड़ों एंटेना लगाए गए हैं। स्टारलिंक की अधिकारी लॉरेन ड्रेयर के मुताबिक, कंपनी ने भारतीय सुरक्षा और नियमों को ध्यान में रखते हुए अपने सिस्टम तैयार किए हैं।
कंपनी का कहना है कि भारतीय यूजर का डाटा देश के भीतर रखने की व्यवस्था भी की गई है।
मंजूरी
अंतिम मंजूरी का अभी इंतजार
भारत सरकार स्टारलिंक समेत तीन सैटेलाइट संचार कंपनियों को देश में सेवा देने का लाइसेंस दे चुकी है।
इसके बावजूद स्टारलिंक को कमर्शियल सेवा शुरू करने के लिए कुछ अंतिम नियामकीय मंजूरियों का इंतजार है।
कंपनी के लिए भारत में सैटेलाइट इंटरनेट की बड़ी संभावना है, खासकर उन इलाकों में जहां मोबाइल टावर और फाइबर पहुंचाना मुश्किल है। मई, 2026 तक देश के 11,256 सूचीबद्ध गांवों में 4जी कवरेज नहीं था।