महाराष्ट्र की डीप टेक और क्वांटम कंप्यूटिंग में बड़ा दांव लगाने की तैयारी
महाराष्ट्र क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप टेक के क्षेत्र में एक अग्रणीय बनने की तैयारी में जुट गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन अत्याधुनिक तकनीकों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने की योजना का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि 2024 में वैश्विक बाजार, जहां 2,000 अरब डॉलर से 3,000 अरब डॉलर (करीब 1.9-2.8 लाख अरब रुपये) के बीच रहने का अनुमान है, वहीं अगले 5 सालों में यह बढ़कर लगभग 16,000 अरब डॉलर (करीब 15 लाख अरब रुपये) तक पहुंच सकता है।
फडणवीस ने निवेशकों और निर्माताओं से आह्वान किया है कि वे महाराष्ट्र को दुनिया के नक्शे पर लाने में मदद करें।
क्वांटम कंप्यूटिंग प्रशिक्षक तैयार करने की योजना
राज्य चाहता है कि उसके स्थानीय कारोबार, खासकर छोटे और मध्यम उद्यम (SMEs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों से अच्छी तरह परिचित हों।
फडणवीस ने माना कि इस राह में वित्तीय सहायता और कुशल प्रतिभा की कमी एक बड़ी चुनौती है। इसी वजह से महाराष्ट्र सरकार अपने महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फोर ट्रांसफॉर्मेशन (MITRA) प्रोग्राम के माध्यम से क्वांटम कंप्यूटिंग के प्रशिक्षकों को तैयार करेगी।
सरकार का लक्ष्य है कि अगले 2-3 साल में कम से कम 5,000 लोगों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाए। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए कई बड़े प्रोजेक्ट्स भी शुरू किए जा रहे हैं।
इनमें मुंबई में टाटा समूह के साथ मिलकर एक नया फ्रंटियर टेक इंस्टिट्यूट और एक इनोवेशन सिटी बनाना शामिल है। इन सभी पहलों का मकसद अनुसंधान, विनिर्माण और डिजिटल कौशल को बढ़ावा देना है।