दीपेंद्र गोयल के स्टार्टअप ने इलेक्ट्रिक UAV का किया परीक्षण, उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त
क्या है खबर?
लैट एयरोस्पेस ने हाल ही में एक परीक्षण उड़ान के दौरान अपने पहले प्रोटोटाइप लैट वन v0.1 के साथ अल्ट्रा-शॉर्ट टेक-ऑफ और लैंडिंग (uSTOL) क्षमताओं का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया। यह भारत के उभरते इलेक्ट्रिक विमानन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, हालांकि विमान टक-ऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जोमैटो के सह-संस्थापक दीपेंद्र गोयल का यह स्टार्टअप नई जनरेशन के विमान का निर्माण कर रहा है, जिसे छोटे हवाई अड्डों से संचालित करने के लिए डिजाइन किया है।
खासियत
साधारण विमानों से दोगुनी है लिफ्ट क्षमता
कुछ ही महीनों में बिल्कुल नए सिरे से विकसित किया गया यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक, फिक्स्ड-विंग मानवरहित हवाई वाहन (UAV), असाधारण लिफ्ट पावर द्वारा संचालित होकर मात्र 40-मीटर की दूरी में उड़ान भर लेता है। इसकी लिफ्ट पावर पारंपरिक विमानों की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। यह उपलब्धि प्रदर्शन मिशन के मूल उद्देश्य को प्रमाणित करती है, जो शहरी हवाई गतिशीलता और दूरस्थ लॉजिस्टिक जैसे संभावित एप्लिकेशंस के लिए uSTOL टेक्नोलॉजी को साबित करती है।
खामी
प्रोटोटाइप दुर्घटनाग्रस्त होने की बताई यह वजह
कंपनी का दावा है कि लैट वन में 60 मिनट की सहनशक्ति और ऑटोनॉमस उड़ान के लिए पर्याप्त रेंज है। यह अपनी पहली परीक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दीपेंद्र गोयल ने एक पोस्ट में बताया कि इंजीनियर्स ने टेक-ऑफ के बाद दुर्घटना का कारण बनने वाली संरचनात्मक खराबी का पहले से ही अनुमान था, क्योंकि सिमुलेशन में डिजाइन की खामियों का पता चल गया था। उन्होंने कहा कि इसने अपना प्राथमिक लक्ष्य uSTOL का प्रदर्शन हासिल कर लिया।
ट्विटर पोस्ट
परीक्षण का वीडियो आया सामने
Video of Lat One v0.1 test flight.
— Deepinder Goyal (@deepigoyal) January 4, 2026
uSTOL achieved. Achievement unlocked 🛫
The plane crashed a bit later, which we knew was going to happen, and our simulations had already suggested so, due to structural defects. However, the main objective of the test flight was to test… pic.twitter.com/vji5oQPC7A