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दुनियाभर में बढ़ेंगे साइबर हमले? एंथ्रोपिक के अधिकारी ने दी बड़ी चेतावनी
साइबर हमलों में बढ़ोतरी से कंपनियों की चिंता बढ़ी

दुनियाभर में बढ़ेंगे साइबर हमले? एंथ्रोपिक के अधिकारी ने दी बड़ी चेतावनी

Oct 23, 2026
10:57 am

क्या है खबर?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी एंथ्रोपिक के साइबर सुरक्षा अधिकारी जेसन डी क्लिंटन ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं और बढ़ सकती हैं। बीते दिन (22 अक्टूबर) एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि पिछले 4 दिनों में हालात काफी खराब हुए हैं और सुधार से पहले स्थिति और बिगड़ सकती है। उनकी यह चेतावनी दुनियाभर में सामने आ रहे साइबर हमलों और सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियों के बीच आई है।

चिंता

साइबर हमलों में बढ़ोतरी से कंपनियों की चिंता बढ़ी

अक्टूबर में कई गंभीर साइबर घटनाएं सामने आई हैं।

इनमें सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिशें, ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए जासूसी करने वाले प्रोग्राम पहुंचाना और बड़े स्तर पर डाटा चोरी की घटनाएं शामिल हैं। क्लिंटन ने अगस्त में भी चेतावनी दी थी कि कुछ महीनों में सुरक्षा खामियों की संख्या तेज बढ़ सकती है।

उनका कहना है कि जरूरी सिस्टम को समय रहते सुरक्षित करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए कंपनियों को अभी से तैयारी करनी चाहिए।

सलाह

कंपनियों को बुनियादी सुरक्षा मजबूत करने की सलाह

क्लिंटन ने कंपनियों के सुरक्षा प्रमुखों से कहा है कि वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों और निदेशक मंडल से तुरंत मदद मांगें।

उनके मुताबिक, फिलहाल महंगे नए सुरक्षा उपकरण खरीदने से ज्यादा जरूरी है कि कंपनियां बुनियादी सुरक्षा उपायों को मजबूत करें। इसमें सॉफ्टवेयर को समय पर अपडेट करना और सुरक्षा खामियों को दूर करना शामिल है।

उन्होंने कहा कि तकनीक में सुधार के लिए करीब 18 महीने इंतजार करना पड़ सकता है, जब तक उपाय उपलब्ध नहीं हो जाते।

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खामियां

AI से सुरक्षा खामियां ढूंढना आसान होने की उम्मीद

क्लिंटन ने भविष्य में ऐसी व्यवस्था की उम्मीद जताई, जिसमें AI की मदद से सॉफ्टवेयर की कमजोरियां इस्तेमाल से पहले ही पकड़ी जा सकेंगी।

इससे डेवलपर कम खर्च में खामियां पहचानकर उन्हें ठीक कर पाएंगे। हालांकि, फिलहाल हैकर भी AI की मदद से कमजोरियां तेजी से खोज रहे हैं, जिससे सुरक्षा टीमों पर दबाव बढ़ा है।

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसके लिए AI कंपनियों को जिम्मेदार ठहराया है।

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