इस बैंक के CEO ने अपना AI क्लोन किया लॉन्च
क्या है खबर?
अब कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर लीडरशिप पर भी दिखने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, कस्टमर्स बैंक के CEO सैम सिद्धू ने अर्निंग कॉल में बताया कि एनालिस्ट उनकी असली आवाज नहीं, बल्कि उनके AI क्लोन को सुन रहे थे। यह कदम सिर्फ प्रयोग नहीं बल्कि भविष्य की झलक माना जा रहा है, जहां कंपनियां AI के जरिए नेतृत्व को भी नए तरीके से पेश करने की कोशिश कर रही हैं।
बदलाव
AI क्लोन कैसे बदल रहे हैं बैंकिंग सिस्टम?
कस्टमर्स बैंक ने OpenAI के साथ मिलकर कई काम ऑटोमेट करने की योजना बनाई है। इसके तहत लोन प्रोसेस, जो पहले करीब 45 दिन लेता था, अब एक हफ्ते में पूरा हो सकता है। वहीं, अकाउंट खोलने का काम भी 20 मिनट में संभव हो सकता है। बैंक इन AI सिस्टम को "डिजिटल वर्कर" मान रहा है, जो लगातार बिना रुके काम कर सकते हैं और इससे कामकाज की गति और दक्षता दोनों बढ़ सकती हैं।
बड़ी कंपनियां
बड़ी टेक कंपनियां भी अपना रही हैं यह मॉडल
यह बदलाव सिर्फ बैंकिंग तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा भी अपने CEO मार्क ज़करबर्ग का AI वर्जन तैयार कर रही है, जो कर्मचारियों से बातचीत कर सकेगा। यह डिजिटल अवतार उनकी आवाज, सोच और व्यवहार के आधार पर काम करेगा। इसका मकसद यह है कि CEO की मौजूदगी हर समय महसूस हो सके, भले ही वह खुद मौजूद न हों, जिससे काम में तेजी और बेहतर संवाद हो सके।
सवाल
लीडरशिप और भरोसे को लेकर उठे सवाल
AI CEO क्लोन के बढ़ते इस्तेमाल ने कई नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। अगर किसी नेता की आवाज और फैसले AI से लिए जा सकते हैं, तो असली नेतृत्व की भूमिका क्या रह जाएगी। इससे भरोसा, जिम्मेदारी और पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल यह तकनीक शुरुआती दौर में है, लेकिन भविष्य में यह तय करेगा कि कंपनियों में नेतृत्व का स्वरूप कैसा होगा और इंसान और मशीन के बीच संतुलन कैसे बनेगा।