थिएटर-म्यूजियम में जाने से कम होती उम्र, नए अध्ययन में खुलासा
थिएटर, म्यूजियम या फिर सिनेमा जाना आपके शरीर को जवान और फुर्तीला रख सकता है। टोक्यो के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस की एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।
इस शोध में 50 साल से ज्यादा उम्र के करीब 1,900 लोगों का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लेते थे, उनके शरीर की उम्र उनकी असल उम्र से कम थी। आसान भाषा में कहें तो उनका शरीर अपनी उम्र के हिसाब से ज्यादा तंदुरुस्त और सक्रिय था।
भारतीय विशेषज्ञों ने भी किया समर्थन
शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि इस सकारात्मक असर का सिलसिला 4 साल तक बरकरार रहा। उन्होंने बताया कि लोग जितनी ज्यादा सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल हुए, उनकी शारीरिक उम्र उतनी ही कम होती गई। उनका यह भी कहना है कि ऐसी गतिविधियां अकेलेपन और तनाव को दूर करने में बहुत काम आती हैं।
भारतीय विशेषज्ञ भी इस बात से सहमत हैं। डॉ प्रसून चटर्जी का कहना है कि सामाजिक मेलजोल से याददाश्त, मिजाज और भावनात्मक सेहत बेहतर होती है।
दूसरी तरफ, प्रोफेसर राजेश सागर का मानना है कि ये दिमाग के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं और पुराने तनाव को कम करती हैं तो इसका सीधा-सा मतलब क्या है?
अगर, हम चाहते हैं कि लोग उम्र के साथ भी सेहतमंद रहें तो सांस्कृतिक कार्यक्रमों को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।