ग्रोक बॉट की कमाई से ज्यादा उसे चलाने में लग रहा पैसा, मस्क ने बताई वजह
क्या है खबर?
एलन मस्क की कंपनी xAI के लिए अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट ग्रोक चलाना महंगा पड़ रहा है। मस्क ने खुद स्वीकार किया है कि इस सेवा पर जितना पैसा खर्च हो रहा है, फिलहाल उससे उतनी आमदनी नहीं हो रही। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब एक्स प्रीमियम के ग्राहक ग्रोक के इस्तेमाल की तय सीमा जल्दी खत्म होने की शिकायत कर रहे हैं। इससे कंपनी के सामने बढ़ते खर्च को संभालने की चुनौती भी सामने आई है।
साप्ताहिक सीमा
साप्ताहिक सीमा जल्दी खत्म होने से परेशान ग्राहक
एक्स पर डॉगकॉइन नॉर्वे नाम के एक अकाउंट से मस्क से ग्रोक की इस्तेमाल सीमा दोबारा शुरू करने की मांग की गई।
इस पोस्ट में कहा गया कि कई ग्राहक इस सप्ताह अपनी तय सीमा बहुत जल्दी पूरी कर चुके हैं। जवाब में मस्क ने बताया कि फिलहाल ग्रोक को उपलब्ध कराने में होने वाला खर्च, उससे मिलने वाली कमाई से काफी अधिक है।
कंपनी के लिए हर ग्राहक को यह सुविधा देना फिलहाल महंगा साबित हो रहा है।
कंप्यूटिंग क्षमता
ग्रोक को चलाने के लिए चाहिए बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता
ग्रोक जैसे AI चैटबॉट को चलाने के लिए बड़े और महंगे कंप्यूटर सिस्टम की जरूरत पड़ती है।
यूजर जब सवाल पूछते हैं या बॉट से कोई मुश्किल काम करवाते हैं, तो इसके लिए काफी कंप्यूटिंग संसाधनों का इस्तेमाल होता है। ऐसे में जितने ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, कंपनी का खर्च भी उतना बढ़ता है।
पिछले सप्ताह कई एक्स प्रीमियम ग्राहकों ने इसी वजह से अपनी इस्तेमाल सीमा जल्दी खत्म होने की शिकायत की थी।
संख्या
करीब 8 लाख लोग ले रहे हैं भुगतान वाली सेवा
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रोक के करीब 8 लाख भुगतान करने वाले ग्राहक हैं।
इसकी बढ़ती लोकप्रियता के साथ इसे चलाने के लिए जरूरी कंप्यूटर संसाधनों की मांग भी बढ़ रही है। दूसरी ओर, ग्राहकों से मिलने वाली सदस्यता की रकम इस पूरे खर्च को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं पड़ रही है।
एक्स ने ग्रोक को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़कर प्रीमियम सेवा को आकर्षक बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इसका खर्च कंपनी के लिए चुनौती बन गया है।
विकल्प
कंपनी के सामने कई विकल्प
बढ़ते खर्च को देखते हुए xAI के पास कुछ रास्ते हैं।
कंपनी ग्रोक की सदस्यता महंगी कर सकती है, ग्राहकों के इस्तेमाल की सीमा बदल सकती है या सर्वर पर होने वाला खर्च घटाने के उपाय कर सकती है। हालांकि, मस्क ने अभी यह नहीं बताया है कि कंपनी आगे क्या करने वाली है।
AI क्षेत्र की दूसरी कंपनियां भी इसी तरह के खर्च से जूझ रही हैं और अपने महंगे मॉडल के इस्तेमाल पर रोक लगा रही हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें पोस्ट
The cost of serving Grok Bot was unsustainably high relative to revenue
— Elon Musk (@elonmusk) November 1, 2026