कॉर्टिकल लैब्स ने 15 जैविक कंप्यूटर्स को जोड़कर बनाया AI से तेज सिस्टम
इस सप्ताह अमेरिका में ऑर्गैनॉइड इंटेलिजेंस पर आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया की कोर्टिकल लैब्स ने अपना नया सिस्टम पेश किया, जिसका नाम हाइव (HIVE) रखा गया है।
यह 15 जैविक कंप्यूटर्स को आपस में जोड़कर एक 'सामूहिक दिमाग' (हाइव माइंड) बनाता है। इसमें असली मानव न्यूरॉन्स का इस्तेमाल करके काम बांटा जाता है, जिसकी वजह से इस सेटअप ने जिन परीक्षणों में हिस्सा लिया, उनमें इसने पारंपरिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डीप क्यू नेटवर्क (DQN) से बेहतर प्रदर्शन किया।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह सारा काम जीवित कोशिकाओं की मदद से चलता है।
99 फीसदी तक पहुंची प्रतीक पहचान की क्षमता
परीक्षणों के दौरान जब ऐसे 7 दिमाग जैसे कंप्यूटर्स को एक साथ जोड़ा गया तो प्रतीक पहचानने की क्षमता 80 फीसदी से बढ़कर सीधे 99 फीसदी पर पहुंच गई।
हाइव ने एक वर्चुअल भूलभुलैया की चुनौती में भी कमाल कर दिखाया। इसने 70 फीसदी अंक हासिल किए, जबकि सामान्य AI केवल 32 फीसदी ही ला पाया।
टीम अब इस सिस्टम को और भी बड़ा और बेहतर बनाने की सोच रही है। उन्हें उम्मीद है कि इसकी कम ऊर्जा खपत और चीजों के हिसाब से ढलने की क्षमता मशीन लर्निंग को बिल्कुल नई और शानदार दिशा में ले जाएगी।