बैंक, पेमेंट सिस्टम और शेयर बाजार के लिए बनेगा साझा साइबर सुरक्षा नेटवर्क- रिपोर्ट
क्या है खबर?
सरकार देश के वित्तीय क्षेत्र के लिए साझा साइबर सुरक्षा ढांचा तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, इसका उद्देश्य बैंकिंग, शेयर बाजार, भुगतान प्रणाली और अन्य वित्तीय संस्थानों के बीच साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग और प्रतिक्रिया को बेहतर बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल अलग-अलग नियामकों के पास अलग-अलग रिपोर्टिंग व्यवस्था है। इसके जरिए साइबर हमलों की जानकारी साझा करने और मिलकर कार्रवाई करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है।
काम
एक प्लेटफॉर्म पर हो सकती है रिपोर्टिंग
प्रस्ताव के तहत साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए एक साझा व्यवस्था विकसित की जा सकती है। सरकार का मानना है कि वित्तीय प्रणाली के एक हिस्से में हुई साइबर गड़बड़ी का असर दूसरे हिस्सों पर भी पड़ सकता है। उदाहरण के तौर पर बैंकिंग प्रणाली में आई समस्या शेयर बाजार या भुगतान सेवाओं को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से अलग-अलग क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त प्रतिक्रिया व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
मानक
सभी संस्थानों के लिए होंगे समान मानक
रिपोर्ट के अनुसार, बैंक, शेयर बाजार और अन्य वित्तीय संस्थान समान साइबर सुरक्षा मानकों और रिपोर्टिंग नियमों का पालन कर सकते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी संस्थान एक जैसी परिभाषाओं और प्रक्रियाओं का उपयोग करें। नई रणनीति को आर्थिक मामलों के विभाग की अगुवाई में तैयार किया जा रहा है। इसमें कई मंत्रालय, नियामक संस्थाएं और साइबर सुरक्षा एजेंसियां भी शामिल हैं।
तैयारी
AI आधारित हमलों से निपटने की तैयारी
भारत सरकार को उम्मीद है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण भविष्य में साइबर हमले और तेज तथा जटिल हो सकते हैं। इसी वजह से संस्थानों को अपनी तैयारी मजबूत करने की सलाह दी जा रही है। CERT-In पहले ही साइबर सुरक्षा को लेकर कई दिशानिर्देश जारी कर चुका है। प्रस्तावित ढांचे के तहत छोटे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भी साझा साइबर सुरक्षा केंद्र और आधुनिक सुरक्षा सेवाओं का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।