क्लाउड डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म वर्सेल पर हुआ बड़ा साइबर हमला, हैकर मांग रहे फिरौती
क्या है खबर?
क्लाउड डेवलपमेंट प्लेटफॉर्म वर्सेल पर बड़ा साइबर हमला हुआ है। कंपनी के प्रमुख गुइलेर्मो राउच ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमलावरों ने उसके इंटरनल सिस्टम में सेंध लगा ली है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह हमला काफी समझदारी से किया गया और इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। कंपनी ने कहा कि घटना की जांच जारी है और प्रभावित यूजर्स से संपर्क किया जा रहा है।
हमला
कैसे हुआ हमला?
कंपनी के मुताबिक, हमला एक कर्मचारी के गूगल वर्कस्पेस अकाउंट से शुरू हुआ है। बताया गया कि कर्मचारी एक AI प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा था, जिसमें पहले सेंध लगी और फिर हमलावर उस अकाउंट तक पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने कई तरीकों से कंपनी के सिस्टम में और गहरा एक्सेस हासिल कर लिया। कुछ नॉन-सेंसिटिव सेटिंग्स का फायदा उठाकर हमलावर आगे बढ़ने में सफल रहे और डाटा तक पहुंच बना सके।
फिरौती
हैकर्स ने डाटा बेचने और फिरौती की मांग की
इस घटना के बाद एक हैकिंग ग्रुप ने दावा किया कि उसके पास वर्सेल का डाटा मौजूद है। रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर कंपनी के कुछ डाटा को बेचने की कोशिश कर रहे हैं और करीब 20 लाख डॉलर की फिरौती की मांग भी कर रहे हैं। हालांकि, एक दूसरे ग्रुप ने इस हमले में शामिल होने से इनकार किया है। फिलहाल इन दावों की जांच की जा रही है और स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।
सुरक्षा
कंपनी ने बढ़ाई सुरक्षा
वर्सेल ने कहा कि इस घटना से सीमित संख्या में ग्राहक प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए हैं और अपने सिस्टम की लगातार निगरानी कर रही है। साथ ही, यूजर्स को भी अपने अकाउंट और थर्ड-पार्टी ऐप्स की जांच करने की सलाह दी गई है। कंपनी का कहना है कि वह जल्द ही इस मामले पर और जानकारी साझा करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठा रही है।