नई दवा की खोज ने अग्नाशय कैंसर के रोगियों में जगाई नई उम्मीद
डैराक्सोनरासिब नाम की एक नई दवा आजकल खूब सुर्खियां बटोर रही है। हाल ही में हुए क्लिनिकल ट्रायल के नतीजों से पता चला है कि यह दवा अग्नाशय के कैंसर के मरीजों के जीवित रहने के औसत समय को लगभग दोगुना कर सकती है।
पहले जहां मरीज औसतन 6.7 महीने तक जीवित रह पाते थे, वहीं अब यह अवधि बढ़कर 13.2 महीने हो गई है। यह उपलब्धि बहुत बड़ी है क्योंकि अग्नाशय का कैंसर अक्सर इतनी देर से पता चलता है कि इसका इलाज करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
इसके साथ ही, किर्स्टन रैट सारकोमा वायरल ऑन्कोजीन होमोलॉग (KRAS) प्रोटीन में होने वाले जटिल बदलावों की वजह से मौजूदा इलाजों का भी इस पर ज्यादा असर नहीं हो पाता।
इम्यूनोथेरेपी को बना सकती है ज्यादा असरदार
डैराक्सोनरासिब KRAS प्रोटीन को ब्लॉक करके ट्यूमर को बढ़ने से रोकती है। साथ ही, यह इम्यूनोथेरेपी को भी ज्यादा असरदार बना सकती है।
दुनियाभर में करीब 20 फीसदी कैंसर RAS म्यूटेशन की वजह से होते हैं, जिनमें फेफड़े और आंत के कुछ खास कैंसर भी शामिल हैं। ऐसे में यह खोज लाखों लोगों के लिए बेहतर इलाज के नए रास्ते खोल सकती है।