मेंढक की मांसपेशियों से चीन ने बनाया मंटा रोबोट, लगातार 7 दिन तैरने की क्षमता
चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा मंटा रे रोबोट बनाया है, जो आम मोटरों की बजाय मेंढक की असली मांसपेशियों का इस्तेमाल करता है। इस रोबोट के पंख फड़फड़ाने के लिए वैज्ञानिकों ने मेंढक के पैर से निकाली गई मांसपेशियों का उपयोग किया। इसकी मदद से रोबोट लगभग 7 दिनों तक लगातार तैरता रहा।
बिना तार के चलने का तरीका खोजा
वैज्ञानिकों की टीम ने इस रोबोट को बिना किसी तार के चलाने का नायाब तरीका खोजा है। उन्होंने रोबोट में छोटे GaAs फोटोवोलटाइक मॉड्यूल लगाए हैं, जो लेजर की रोशनी को बिजली में बदलकर उसे शक्ति देते हैं।
यह मंटा रे इतनी तेज तैर सकता है कि एक सेकेंड में अपने शरीर की लंबाई से दोगुनी दूरी तय कर लेती है। यह छोटे-छोटे भार भी उठा सकता है और पलक झपकते ही किसी भी दिशा में मुड़ सकता है।
इन रोबोट्स का इस्तेमाल पानी के पर्यावरण को समझने और जलीय जीवों पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है। खास बात यह है कि इससे जल-जीवन को कोई परेशानी भी नहीं होगी।
अगले कदम के तौर पर वैज्ञानिक इन मांसपेशियों की उम्र बढ़ाने पर काम कर रहे हैं, ताकि ये और लंबे समय तक काम कर सकें। इसके अलावा, रोबोट के अंदर ही एक बेहतर पावर सोर्स लगाने की योजना है, जिससे यह पानी में और ज्यादा आजादी से घूम सके।